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सोशल: सोनिया गांधी, मायावती की मुलाकात क्या कहलाती है?
कई दिनों की सियासी माथापच्ची के बाद आख़िरकार कर्नाटक को अपना नया मुख्यमंत्री मिल गया है. कांग्रेस-जेडीए के गठबंधन के बाद एचडी कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
इस शपथग्रहण समारोह में देश की बड़ी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने शिरकत की. इनमें सोनिया गांधी, राहुल, ममता बनर्जी, मायावती, चंद्रबाबू नायडू, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल, सीताराम येचुरी, शरद पवार जैसे नेता शामिल रहे.
इस मंच पर ऐसे नेता भी मुस्कुराते हुए मिले, जो सियासी मंचों पर एक-दूसरे को कोसते नज़र आते थे.
लेकिन इस मंच से एक ऐसी तस्वीर दुनिया ने देखी, जिसकी सोशल मीडिया पर चर्चा रही. ये तस्वीर है मायावती और सोनिया गांधी की सिर मिलाते हुए पल की.
हमने बीबीसी हिंदी के पाठकों से इसी तस्वीर का कैप्शन मांगा. इस तस्वीर पर हमें एक हज़ार से ज़्यादा लोगों की प्रतिक्रियाएं मिलीं. हम यहां कुछ चुनिंदा कमेंट्स आपको पढ़वा रहे हैं.
मायावती, सोनिया की तस्वीर पर क्या बोले लोग?
इंस्टाग्राम पर हर्ष शर्मा ने लिखा, ''क्या हाथी करेगा पंजे से शिकार? बताइए अबकी बार किसकी सरकार?''
इंस्टा यूज़र शाह आलम लिखते हैं, ''हमें तुमसे प्यार कितना. ये तुम नहीं जानती. मगर जीत नहीं सकते गठबंधन के बिना.''
फ़ेसबुक पर शैलेश यादव ने लिखा, ''लग जा गले कि फिर ये हसीन रात हो न हो. शायद फिर अगले चुनाव में मुलाकात हो न हो.''
राकेश ने लिखा, ''जब राष्ट्र की सर्वोच्च शक्तियां निरंकुश हो जाती हैं तो सब अपने आपसी मतभेद भूलकर अंकुश लगाने की कोशिश करते हैं. लोकतंत्र में संभव है.''
हनुमान नाम के यूज़र लिखते हैं, ''नाव डूबने लग जाए तो कंधा दुश्मन का हो या अपनों का... ये देखा नहीं जाता. बस उफनते सैलाब से बाहर आना ज़रूरी है.''
अकील ने लिखा, ''मतलब की रिश्तेदारी है. यहां कोई किसी का सगा नहीं होता. वो सियासत, सियासत नहीं होती जिसमें अपने से दगा नहीं होता.''
राशिद अंसारी लिखते हैं, ''बीजेपी का चाहे जो भी नज़रिया रहे, मुझे उससे कोई दिक्कत नहीं. लेकिन इस तस्वीर में मुझे एक दलित महिला का सम्मान दिख रहा है.''
अविनाश कुमार सिंह ने लिखा, ''कोई भी पार्टी बीजेपी के वोटबैंक को आज तक नुकसान नहीं पहुंचा पाई. पर देश का हर छोटा दल कांग्रेस के वोटबैंक में सेंधमारी करती है. उसमें भी मायावती की पार्टी बसपा का स्थान सबसे ऊपर है. मायावती और सोनिया गांधी की केमेस्ट्री कांग्रेस के लिए वरदान साबित होगी.''
हालांकि बीबीसी हिंदी के कुछ प्रिय पाठक ऐसे भी रहे, जिन्होंने तस्वीर के कैप्शन पूछने के लिए बीबीसी पर शक ज़ाहिर किया.
अमित कुमार पटेल ने लिखा, ''बीबीसी तो वही कैप्शन छापेगी, जो झूठे होंगे और उसको सूट करेंगे.''
अजीत राय कहते हैं, ''जब सारे देश का विपक्ष एक हो जाए तो समझो देश का राजा ईमानदार है.''
नितिश जैन ने लिखते हैं, ''विपक्ष कहता है कि बीजेपी जोड़तोड़ की राजनीति करती है लेकिन यहां तो सब कुछ उल्टा ही दिख रहा है.''
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