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सोशल: 'पूर्ण बहुमत मिले तो मोदी लहर वरना अमित शाह कहर'
सियासी खींचतान और कयासों के बाद बीजेपी विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है.
इन चुनावों में 222 सीटों में से बीजेपी ने कर्नाटक में 104 सीटें जीती थीं. कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिली थीं. चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस-जेडीएस के गठबंधन के बाद ऐसा कहा जा रहा था कि दोनों दल मिलकर सरकार बना सकते हैं.
लेकिन पहले राज्यपाल वजुभाई वाला के बीजेपी को न्योता देने और सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद येदियुरप्पा सीएम बन गए हैं.
ऐसे में सरकार बनाने के लिए ज़रूरी बहुमत न होने के बावजूद बीजेपी के कर्नाटक की सत्ता में आने की सोशल मीडिया पर चर्चा है.
कुछ लोग इसको लेकर भी तंज़ कर रहे हैं कि बीजेपी कैसे और किन तरीकों से फ़्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करेगी?
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट किया, ''कर्नाटक में जनादेश 104 सीटने वाली बीजेपी के पास है? या उस कांग्रेस के पास जिसे सिर्फ 78 सीटें मिली हैं. जिनके सीएम और बाकी मंत्री भी चुनाव में हार गए. या जेडीएस जिसे सिर्फ 37 सीटें मिलीं. जनता ये सब समझने के लिए समझदार है.''
सोशल पर येदियुरप्पा की शपथ...
हार्दिक पटेल ने ट्वीट किया, ''कर्नाटक में जो हो रहा है वो देश के लिए घातक है. न संविधान, ना राज्यपाल, ना कोर्ट, ना जनता का बहुमत. सब अपनी मर्ज़ी और मनमानी. सत्ता की लालसा और तानाशाही इरादे.''
अमरनाथ ने ट्वीट किया, ''चीते की चाल. बाज की नज़र. राजनीति के चाणक्य अमित शाह की योजना पर कभी शक नहीं करते.''
पवन ने लिखा, ''15 दिन विधायक तो क्या. सब्ज़ी भी फ़्रीज़ में रख दो तो रंग बदलने लगती है.''
भैय्याजी नाम के ट्विटर हैंडल से लिखा गया, ''महाभियोग जारी करने के बाद आधी रात में न्याय माँगने गए थे. एक बात तो है कांग्रेस के आत्म-विश्वास में बिल्कुल भी कमी नहीं आई है.''
श्रीराम महेश्वरी ने ट्वीट किया, ''येदियुरप्पा का शपथ लेना वैसे ही है जैसे शादी में दूल्हा फेरे पहले ले ले और दुल्हन-बारातियों का जुगाड़ करने के लिए पंडित जी को 15 दिन का वक्त दे दे.''
अवध बिहारी वर्मा ने लिखते हैं, ''मोदी ने कांग्रेस की ऐसी हालत कर दी है कि कांग्रेसी जिस भी दरवाज़े पर मदद मांगने जाएंगे, वहां से खाली हाथ ही लौटेंगे.''
@RoflGandhi_ ने एक ट्वीट में तंज़ किया, ''सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह विरोधी विधायकों को दो ऑप्शन देते हैं. वो कहते हैं, "या तो भरा हुआ बैग घर भेज दूँगा. या बैग में भरके घर भेज दूँगा.''
अरविंद मिश्रा ने ट्वीट किया, ''जब पूर्ण बहुमत से सरकार बन जाए तो उसे मोदी लहर कहते हैं. जब बिना बहुमत के सरकार बन जाए तो उसे अमित शाह का कहर कहते हैं.''
चांदनी चकोर नाम की यूज़र ने लिखा, ''अमित शाह की शारीरिक भाषा कठोर है. प्रतिपक्ष की आधी ताकत वैसे ही अपने आप खींच लेते हैं. फ़ील्डिंग सजाने के लिए 15 दिन का वक्त दिया है. देखिए आगे-आगे क्या होता है.''
अफ़वाह नाम के फ़ेसबुक पेज से लिखा गया, ''राज्यपाल को चाहिए कि बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए पांच साल का वक्त दे दें. कोर्ट कचहरी का सारा लफड़ा ही खत्म हो जाएगा.''
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