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सोशल: 'गोरखपुर ने अगस्त में मरे बच्चों को दी उपचुनाव में श्रद्धांजलि'
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में बीजेपी का कमल मुरझा रहा है.
अब तक वोटों की हुई गिनती के मुताबिक़, बीजेपी इन दोनों सीटों पर हार की ओर बढ़ रही है और समाजवादी पार्टी बढ़त बनाए हुए है.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में बीजेपी का हारना पॉलिटिकल पंडितों के आंकलन से अलग है. दूसरा बीजेपी का हारना लोगों को इसलिए भी चौंका रहा है, क्योंकि हाल ही में हुए चुनावों में बीजेपी त्रिपुरा में जीती थी और बाकी राज्यों में सरकार बनाने में सफल रही थी.
ऐसे में बीजेपी के हारने की सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर उपचुनाव में जीतने वाले उम्मीदवारों को बधाई दी.
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने एक पुराने ट्वीट को री-ट्वीट किया. इस ट्वीट में उमर ने लिखा था कि 2019 भूल जाइए, 2024 की तैयारी शुरू कीजिए.
री-ट्वीट करते हुए उमर लिखते हैं, बीजेपी के मेरे प्यारे दोस्तों आपकी कड़ी मेहनत के लिए शुक्रिया और मुझे ग़लत साबित करने के लिए अपनी कोशिशें जारी रखिए. मैं आपका शुक्रगुज़ार हूं.''
ट्विटर पर 'द लाइंग लामा' यूज़र ने लिखा, ''चुनावी नतीजों के बाद सपा बोली- वाह, हम जीत रहे हैं. बीजेपी बोली- अंतिम नतीजे आने दीजिए. कांग्रेस बोली- आईपीएल कब से शुरू हो रहा है?''
राहुल राज ने ट्वीट किया, ''ईवीएम हैक हुई और जनता बीजेपी को जवाब दे रही है- फूलपुर में चुनावी नतीजे इन्हीं दो नतीजों के बीच झूलते नज़र आ रहे हैं.''
मगणना के दौरान गोरखुपर में समाजवादी पार्टी उम्मीदवार की ओर से कथित गड़बड़ी के भी आरोप हैं. इसके बाद उत्तर उप्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी विधायकों ने हंगामा किया था.
वर्तिका फ़ेसबुक पर इसी को लेकर तंज कसती हैं, ''कहीं मोटा भाई गोरखपुर के कलेक्टर की भी सीडी न निकलवा दें.''
अनुराग यादव लिखते हैं, ''फूलपुर बहाना है. यूपी से भगाना है.'' आकाश वत्स लिखते हैं, ''बीजेपी के भीतर योगी जी का कद तीन बिलांग छोटा हो जाएगा.''
सईद अमान जाफरी लिखते हैं, ''नरेश अग्रवाल के शुभ कदम पड़े हैं.''
रेहान ख़ान लिखते हैं, ''2019 के आम चुनावों के लिए ईवीएम को बचाकर रखा गया है.''
हेमेंद्र सिंह कृष्णावत लिखते हैं, ''मोदी पकौड़ा तलेंगे. योगी पकौड़े बेचेंगे. दोनों को रोजगार मिल गया है.'' पटेल एसएन ने लिखा- किसी ने पढ़े लिखे लोगों से पकौड़े बेचने के लिए कहा था. इसे याद रखना चाहिए.''
आरिफ शाह ने लिखा, ''2019 के चुनाव के लिए ईवीएम का इस्तेमाल हो सके. इसलिए प्रॉपेगेंडा है ये.''
आम आदमी पार्टी से ताल्लुक रखने वाले आयुष पांडे ट्वीट करते हैं, ''गोरखपुर आज ऑक्सीजन की कमी से मारे गए सैकड़ों बच्चों को श्रद्धांजलि दे रहा है.''
सुल्ताना सईद लिखती हैं, ''बस अमित शाह के एक्शन की देरी है. फिर पूरा भगवा भगवा हो जाएगा.''
मोहम्मद इमरान राजा लिखते हैं, ''इतिहास गवाह है बीजेपी ने कभी उपचुनावों के लिए ईवीएम सेट नहीं किया है.''
अवधबिहारी वर्मा लिखते हैं, ''आज मोदी विरोधी ईवीएम पर कुछ नहीं बोल रहे हैं क्योंकि वो मतगणना में आगे चल रहे हैं. अगर पीछे चल रहे होते तो मोदी को कोसते.''
विपिन राठौड़ ने ट्वीट किया, ''अब तो मायावती पर तोता छोड़कर उनकी हिम्मत तोड़ने की कोशिश ज़रूर की जाएगी.''
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