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पद्मावत: 'विरोध करना है तो कीजिए, बस बच्चों को बख्श दीजिए'
संजय लीला भंसाली की फ़िल्म 'पद्मावत' के ख़िलाफ़ प्रदर्शन तीखे और हिंसक हो गए हैं. हरियाणा के गुड़गांव में बुधवार को स्कूली बच्चों की एक बस पर 'पद्मावत विरोधी' भीड़ ने हमला कर दिया.
हमले के बाद टूटे शीशों वाली बस में सीटों के नीचे छुपे बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.
इस वीडियो में बच्चों के बिलखकर रोने की आवाज़ें सुनी जा सकती हैं. बस में मौजूद स्कूल स्टाफ रोते हुए बच्चों को गले लगाकर चुप कराने की कोशिश कर रहा है. बस के फर्श पर कांच के टुकड़े पड़े हुए हैं.
यह वीडियो संभवत: स्कूल स्टाफ के किसी सदस्य ने रिकॉर्ड किया है. स्कूली बच्चों को निशाना बनाए जाने की इस घटना पर नेताओं ने बयान दिए हैं और सोशल मीडिया पर भी लोग गुस्सा ज़ाहिर कर रहे हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा, ''कोई भी वजह इतनी बड़ी नहीं हो सकती, जिसके आधार पर बच्चों के ख़िलाफ हिंसा को जायज़ ठहराया जा सके. हिंसा और नफरत कमज़ोर लोगों के हथियार हैं. नफरत और हिंसा का बीजेपी जिस तरह इस्तेमाल कर रही है, उससे पूरा मुल्क़ जल रहा है.''
पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने भी ट्विटर पर लिखा, ''गुड़गांव में बच्चों के साथ गुंडों ने जो किया, उससे एक भारतीय होने के नाते मेरा सिर शर्म से झुक गया. गवर्नेंस कहां है? या फिर सुरक्षित वोटबैंक की ख़ातिर क्या ये मायने ही नहीं रखता?''
पहले डंडों से, फिर पत्थरों से किया गया हमला
ये बच्चे जीडी गोएनका वर्ल्ड स्कूल के थे, जो स्कूल ख़त्म होने के बाद घर लौट रहे थे. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, 60 लोगों की भीड़ ने बस पर डंडों से हमला किया.
इस भीड़ ने ड्राइवर से बस रोकने के लिए कहा. लेकिन जब ड्राइवर ने बस नहीं रोकी तो भीड़ ने बस पर पत्थरबाज़ी की.
गुड़गांव पुलिस के प्रवक्ता रविंद्र कुमार ने पीटीआई को बताया, ''भीड़ ने जब हमला किया तो बस में मौजूद स्टाफ ने बच्चों को सीट से नीचे बैठने और ड्राइवर से बस न रोकने के लिए कहा. इस हमले में बस की खिड़कियों के शीशे टूट गए और इससे घबराए बच्चों ने रोना शुरू कर दिया.''
कुमार ने कहा कि इस हमले में किसी बच्चे को चोट नहीं आई है और हालात काबू में हैं.
सोशल मीडिया पर गुस्सा
विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी जवाब मांगा है.
कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने लिखा, ''फ़िल्म पद्मावत के विरोधियों ने आज गुड़गांव में बच्चों से भरी स्कूल बस पर हमला करके अत्यंत निंदनीय कृत्य किया. जितने वो दोषी हैं उतनी ही हरियाणा की बीजेपी सरकार भी, क्योंकि मुख्यमंत्री खट्टर एक तमाशबीन की तरह पूरे राज्य को रोज़ जलते देख रहे हैं. प्रधानमंत्री की ख़ामोशी भी कायराना है.''
कई आम लोगों ने भी सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रियाएं दी हैं.
रजनीश वत्स ने लिखा, ''आपको फ़िल्म से विरोध है तो कीजिए ना. विरोध करने के सौ तरीके हैं. लेकिन इन बच्चों को तो बख्श दीजिए.''
फ़ेसुबक पर सुदीप्ति ने लिखा, ''जनवरी में पद्मावत विरोध. फरवरी में वैलेंटाइन-विरोध. ग़मे रोज़गार को कुछ तो चाहिए.''
अंकित रॉय लिखते हैं, ''मुझे प्रधानमंत्री से भी शिकायत है. आप देख लीजिए कि इस देश की आवारा, बेरोज़गार भीड़ क्या कर रही है. करने को कुछ नहीं है लेकिन एक झंडा है राजपूताना का. जिसके शासक कभी एकजुट नहीं हो सके.''
अंशुल ने लिखा, ''मैं इस बात से हैरान हूं कि गुड़गांव का नाम गुरुग्राम रखने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ है.''
सुमेर सेठी ने ट्विटर पर लिखा, ''मैं अब तक पद्मावत फिल्म नहीं देखने वाला था लेकिन अब ज़रूर देखूंगा. कोई भी बच्चों पर हमला करने की हद तक नहीं गिर सकता. शर्मनाक. कोई कैसे बच्चों की बस पर हमला करने की सोच सकता है.''
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