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सोशल: 'रिश्वत को राष्ट्रीय व्यंजन घोषित किया जाए'
इन दिनों देश में खिचड़ी को लेकर काफ़ी चर्चा हो रही है. ऐसा कहा जा रहा था कि खिचड़ी को राष्ट्रीय व्यंजन घोषित किया जाना है. हालांकि इसे लेकर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने सफ़ाई भी दी कि ऐसा नहीं होने वाला.
बीबीसी ने लोगों से जानना चाहा कि उनकी नज़र में कौन सा खाना राष्ट्रीय व्यंजन बन सकता है? इस पर ट्विटर और फ़ेसबुक पर लोगों ने अपनी राय साझा की.
लोगों ने समोसा, लिट्टी चोखा, नमक रोटी और दाल-चावल तक को राष्ट्रीय व्यंजन बनाने का सुझाव दिया है.
@dcpsingh82 नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, ''दाल चावल या दाल रोटी, जो अमूमन भारत के हर घर में रोज़ बनती है.''
@salwanrajesh नाम के हैंडल ने जवाब में लिखा कि 'रिश्वत' को राष्ट्रीय व्यंजन बना दिया जाए.
@ImteyazBhutto नाम के हैंडल ने लिखा कि लिट्टी चोखा को राष्ट्रीय व्यंजन होना चाहिए.
फ़ेसबुक पर विरेंद्र लाथेर लिखते हैं, ''दाल-चावल, जो पांच हज़ार साल से भारत में खाया जा रहा है.''
अमित ठाकुर ने फ़ेसबुक पर लिखा कि भारत की पहचान 'चावल' के बने 'फारे' सबसे अच्छे होंगे. दूसरा विकल्प इडली डोसा हो सकता है जो नाश्ते में पूरे भारत में पसंद किया जाता है.
फ़ेसबुक पर वंदना कक्कड़ लिखती हैं, ''आलू के पराठे होने चाहिए, या फिर पूड़ी सब्जी क्योंकि ये किसी त्योहार जैसा भोजन लगते हैं. खिचड़ी स्वास्थ्य के लिए अच्छी है लेकिन बीमारी और ख़राब स्वास्थ्य की छवि है इसकी.''
प्रदीप सिंह ने लिखा कि हैदराबादी ज़ाफ्रानी मटन पुलाव जिसमें चीनी न हो और केसर का फ्लेवर हो, को राष्ट्रीय व्यंजन बनाया जाए.
@faizalbera ने ट्वीट किया कि चटनी रोटी या दाल-चावल को राष्ट्रीय व्यंजन घोषित किया जाए.
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