सोशल : क्या राहुल गांधी के चुटीले बयान वोटों में तब्दील हो पाएंगे?

राहुल गांधी अपनी चुटीली टिप्पणियों के चलते ख़ासा चर्चा में आ गए हैं. गुजरात में दिए उनके बयान और भाषण सुर्खियां बटोर रहे हैं.

गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और राहुल चुनावों से पहले एक के बाद एक सभा कर रहे हैं.

पहले की सभाओं से इतर इन सभाओं में वो ख़ासे आक्रामक भी दिख रहे हैं. उनके बयान तंज़ कसने वाले हैं और लोग इस पर चर्चा भी कर रहे हैं.

उनके जुमलों में पैनापन दिख रहा है लेकिन क्या ये बयानबाज़ी सिर्फ़ लोगों को लुभाने के लिए है या फिर वोटों के स्तर भी इसका कुछ फ़ायदा होगा?

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि राहुल के बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर काफी तवज्जो मिल रही है लेकिन क्या ये तवज्जो वोटों के स्तर पर असर दिखा सकेगी?

दीपक वर्मा का कहना है कि अगर जुमलों के सहारे भाजपा जीत सकती है तो एक हद तक जुमलों का असर हो सकता है.

वहीं अमित सिंह लिखते हैं आज ही असर दिखा. गुरदासपुर में.

जितराम कुमार का मानना है कि ये सब सिर्फ टाइमपास है. इनका वोटों से कोई नाता नहीं है.

वहीं अब्दुल राशिद कहते हैं कि कांग्रेस के पास किसी क्षेत्रीय नेता का चेहरा नहीं है, इस वजह से कुछ भी नहीं कहा जा सकता.

इमरान खान लिखते हैं कि नोटबंदी, जीएसटी, दलितों पर हो रहे लगातार हमले से लोग परेशान हैं. इसका असर वोटों की संख्या पर ज़रूर पड़ेगा.

कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर कांग्रेस का चलाया ट्रेंड 'विकास पगला गया है' वायरल हुआ बाद में भाजपा को रक्षात्मक तरीक़े से इसका जवाब देना पड़ा.

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