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सोशल : 'पता चल गया आख़िर कहां छिपा बैठा है विकास'
न्यूज़ वेबसाइट 'द वायर' की ख़बर में दावा किया गया कि भारतीय जनता पार्टी के नेता अमित शाह के बेटे जय अमितभाई शाह की कंपनी का टर्न-ओवर नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री और उनके पिता के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद बेतहाशा बढ़ा है.
ये ख़बर सोशल मीडिया में बहुत तेज़ी से फैली और ट्विटर और फ़ेसबुक पर टॉप ट्रेंड्स में शामिल हो गई.
ख़बर को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी ने ट्वीट करके सवाल किया कि प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं. उन्होंने लिखा, ''अब ये भ्रष्टाचार आख़िरकार पीएम मोदी के कथित रडार पर क्यों नहीं है.''
येचुरी ने रोज़गार के मुद्दे पर भी बीजेपी सरकार को घेरा.
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी और कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने लिखा, ''जय का 'विकास'! शायद ये वही विकास है जिसके बारे में बीजेपी लंबे समय से बात कर रही थी.''
महाराष्ट्र कांग्रेस के सचिव शहज़ाद पूनावाला ने लिखा, ''अमित शाह के बेटे की फ़र्म की कमाई एक साल में 50 हज़ार से बढ़कर 80 करोड़ रुपये हो गई. हैरानी की बात नहीं है, मोदी जी मानते हैं कि अर्थव्यवस्था अच्छा काम कर रही है.''
ट्विटर हैंडल @freespeechin से सवाल पूछा गया है कि आख़िर 16000 के आंकड़े का आधार क्या है? क्या आपको लोन के बारे में कुछ भी पता है?
असित आर पाणिग्रही लिखते हैं कि आप कार्ति चिदंबरम और रॉबर्ट वाड्रा के समय पर कहां थे.
@AiyoSaar नाम के हैंडल ने लिखा, ''भक्त अमित शाह की लूट को एक्सेस नहीं है बताकर इसे छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. वे क्या सोचते हैं? ये इंटरनेट है.''
@ishar_adv नाम के हैंडल ने लिखा, ''बीजेपी ने अपना स्लोगन बदल लिया है. विकास की जय के बजाय जय का विकास. कोई ज्यादा अंतर नहीं है. अब हमें समझ आया कि आख़िर विकास कहां छिपा बैठा है.''
फ़ेसबुक पर एक यूजर ने लिखा कि अगर मंदी होती तो शाह के बेटे की संपत्ति इतनी कैसे बढ़ जाती.