सोशल: इन लोगों को पहले से था भगदड़ का अंदेशा?

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मुंबई की लाइफलाइन कही जानेवाली लोकल शुक्रवार को कई लोगों के लिए अच्छी नहीं रही.

एल्फ़िंस्टन और परेल के लोकल रेलवे स्टेशनों को जोड़ने वाले पुल पर भगदड़ मचने से 22 लोगों की मौत की खबर है.

पश्चिमी रेलवे के पीआरओ के मुताबिक, एल्फ़िंस्टन रोड के पास फ़ुटओवर ब्रिज पर सुबह 10.30 बजे भगदड़ मच गई.

रेलवे प्रवक्ता अनिल सक्सेना के मुताबिक, ब्रिज पर भीड़ इसलिए भी ज़्यादा हो गई थी क्योंकि भारी बारिश से बचने के लिए यात्री ऊपर चढ़ गए थे.

ये हादसा जिस जगह हुआ, वो काफी तंग थी.

कुछ दिन पहले मुंबई में रहनेवाले संतोष अंधाले ने हादसे वाली जगह की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर कर रेलवे से कदम उठाने की अपील की थी.

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संतोष ने हादसे वाली जगह की तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, ''केंद्रीय रेलवे प्लीज कुछ कीजिए. एल्फ़िंस्टन रोड स्टेशन और परेल को जोड़ने वाले ब्रिज का हाल.''

संतोष ने हादसे के बाद अपनी इस पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, ''तीन दिन पहले ही मैंने फेसबुक और ट्विटर पर ये जानकारी शेयर की थी. मेरा डर सही साबित हुआ.''

इस जगह पर हादसे का अंदेशा संतोष के अलावा कई और लोगों को भी था. कुछ लोग सोशल मीडिया पर इन पुराने ट्वीट्स और तस्वीरों को शेयर कर रहे हैं.

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चंदन केके ने जुलाई 2016 में इस बारे में एक ट्वीट किया था. चंदन केके नाम के यूजर ने तब हादसे वाली जगह की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- सुरेश प्रभु और मोदी. क्या केंद्रीय मुंबई का परेल स्टेशन किसी भगदड़ का इंतजा़र कर रहा है.''

मर्फी ने इस ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा- इन लोगों ने आपके ट्वीट को नज़रअंदाज़ किया और देखिए आज ये हादसा हो गया.

विवेक सिंह लिखते हैं- आजादी के 70 सालों बाद भी कुछ नहीं बदला.

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अरुण नाम के यूजर ने 2015 में इसी जगह की तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा था- एंफिस्टन स्टेशन ब्रिज का सुबह सात बजे ये हाल है.''

राजेंद्र बी अकलेकर ने 2013 में एक ट्वीट कर कहा था- परेल-एंफिस्टन रेलवे स्टेशन पर बने ब्रिज में यात्रियों के लिए जगह नहीं है. यहां इतनी भीड़ रहती है कि ये एक शॉपिंग मॉल बन गया है.

कुछ लोग इस हादसे के बाद रेलवे की व्यवस्था की आलोचना कर रहे हैं.

@MFuturewala ने लिखा, ''एक बात जो पक्की है वो ये कि कुछ सस्ता हो या ना हो. इंसान की जान तो सस्ती हो गई है, कुछ भ्रष्ट नेताओं की वजह से.''

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