You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
सोशल: जावेद हबीब सैलून के एक विज्ञापन पर सोशल मीडिया में हंगामा
कोलकाता के एक अख़बार में छपा एक विज्ञापन सोशल मीडिया में छाया हुआ है. इसके साथ ही छाया है मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब पर लोगों का गुस्सा.
दरअसल नवरात्र से पहले जावेद हबीब की ओर से एक अख़बार में ऐड छपवाया गया था. इस विज्ञापन में देवी दुर्गा समेत कई हिंदू देवताओं को सैलून में बैठे दिखाया गया है.
कोई देवता हेयर कट ले रहा है, कोई मेकअप करा रहा है और कोई पैसे गिन रहा है. ऐड में लिखा है- भगवान भी जावेद हबीब के सैलून में आते हैं.
हालांकि कइयों को विज्ञापन की यह क्रिएटिविटी पसंद नहीं आई है और उन्होंने सोशल मीडिया पर जावेद हबीब की खिंचाई शुरू कर दी.
लोगों ने कहा कि उन्हें हिंदू देवी-देवताओं को इस तरह दिखाकर धार्मिक भावनाओँ को आहत नहीं करना चाहिए था. कुछ लोगों ने तो इस ऐड की वजह से जावेद हबीब के सैलून का बहिष्कार करने की बात भी कही.
सोनम महाजन ने लिखा,''जावेद हबीब का बकवास ऐड. मैं उन्हें पैगम्बर मोहम्मद पर ऐसा ही ऐड बनाने के लिए चैलेंज करती हूं.''
नूपुर ने लिखा,''मैं ज्यादा कुछ तो नहीं कर सकती, फ़तवा भी जारी नहीं कर सकती, लेकिन कम से कम मैं कभी आपके सैलून न जाने की कसम ज़रूर खा सकती हूं. निंदनीय.''
बात बढ़ती देख जावेद हबीब के रीजनल ऑफिस की ओर से एक बयान जारी कर माफ़ी मांग ली गई. सोशल मीडिया पर जारी इस बयान में कहा गया है,''दुर्गा पूजा और आने वाले त्योहारों के लिए आप सभी को शुभकामनाएं. अगर हमारे ऐड कैंपेन से किसी को जाने-अनजाने में ठेस पहुंची हो तो हम इसके लिए माफ़ी चाहते हैं.''
ख़ुद जावेद हबीब ने भी ट्विटर पर एक वीडियो मेसेज जारी कर लोगों से माफ़ी मांगी. उन्होंने कहा,''हमारे पार्टनर ने कोलकाता में ऐड छपवाया है, हमारा सारा सिस्टम फ़्रेंचाइज़ी से चलता है. इसके लिए उन्होंने हमसे परमिशन नहीं ली थी, पता नहीं कैसे ऐड छप गया. हालांकि इससे लोगों की भावनाओं को चोट पहुंची है और मैं इसके लिए माफ़ी चाहता हूं.''
उन्होंने आगे कहा,''मैं 25 साल से काम कर रहा हूं और मेरा एक ही धर्म है-मेरी कैंची. मैं तो कभी कुछ बात भी नहीं करता हूं, कभी टीवी पर भी नहीं आता. माफ़ी चाहता हूं.''
हालांकि इन सबके बीच अच्छी बात ये रही कि कुछ लोगों ने जावेद का साथ भी दिया. अलका ने लिखा,''इसमें क्या ग़लत है? इस ऐड में तो मुझे कुछ भी अपमानजनक नहीं लगता.''
मधुरा ने ट्वीट किया,''शायद आपको पता नहीं है कि बंगाल में मां दुर्गा को आम मानवीय गतिविधियों में लगे दिखाने की परंपरा रही है. यह विज्ञापन उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, तोड़ नहीं रहा.''
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)