You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
सोशल: 'राहुल गांधी की वजह से पीछे हटी चीनी सेना!'
पिछले कुछ महीनों से भारत और चीन के बीच चल रहे डोकलाम विवाद को हल करने की दिशा में एक अहम सहमति बनी है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ दोनों देश डोकलाम से सेना हटाने को तैयार हो गए हैं.
पिछले तीन महीनों से दोनों देशों के बीच गतिरोध बना हुआ था. चीन ने तो युद्ध की चेतावनी भी दे दी थी. ऐसे में यह समझौता काफ़ी महत्वपूर्ण है.
इस समझौते को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया, "हाल के हफ्तों में डोकलाम को लेकर भारत और चीन ने कूटनीतिक बातचीत जारी रखी है.
बयान में कहा गया है, ''इस बातचीत में हमने एक दूसरे की चिंताओं और हितों पर बात की. इस आधार पर डोकलाम पर जारी विवाद को लेकर हमने सीमा पर सेना हटाने का फैसला किया है और इस पर कार्रवाई शुरू हो गई है."
चीन के विदेश मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है, "भारत सीमा पार करने अपने सैनिकों और मशीनों को हटाएगा और चीन ऐतिहासिक सीमा समझौते के तहत अपने संप्रभु अधिकारों का इस्तेमाल करता रहेगा."
ज़्यादातर लोग इसे भारत की कूटनीतिक जीत के रूप में देख रहे हैं
इस समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विंदु दारा सिंह ने ट्वीट करके खुशी जताई है. उन्होंने लिखा है ' मैं भारत और चीन के इस फ़ैसले से बहुत खुश हूं. हमें स्कूल में भी सिखाया जाता है कि पड़ोसियों को शांति बनाकर रखनी चाहिए.'
वहीं लिज़ा रे लिखती हैं कि सूत्रों के हवाले से पता चला है कि राहुल गांधी नॉर्वे नहीं बल्कि चीन के सीक्रेट मिशन पर थे. उन्होंने ही चीन को पीछे हटने के लिए मजबूर किया.
वहीं विकास इसे नमो नीति से जोड़कर देखते हैं. उन्होंने लिखा है कि चीन का ये कदम दुनियाभर के नेताओं के लिए एक सबक है.
राजीव कुमार झा ने कहा यह देश के लिए एक बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत है. बधाई...
नबनीत लिखते हैं कि यह भारत की कूटनीतिक जीत है. निशांत ने भी इसे डोकलाम में भारत की बड़ी जीत बताया है. साथ ही उन्होंने दोनों देशों को शांति के लिए भी बधाई दी है.