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सोशल: 'नाम बदलने से विकास होता, तो बेरोज़गार अपना नाम अंबानी रख लें'
यात्रीगण कृपया ध्यान दें!
मुगलसराय जंक्शन से चलने वाली ट्रेन अब संभवत: दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन से चल सकती है.
भारतीय रेलवे का क्लास-ए मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय रखे जाने का प्रस्ताव है.
इसी मुद्दे पर हमने बीबीसी हिंदी के पाठकों से कहासुनी के ज़रिए उनकी राय जानी. हमने सवाल किया-
इस सवाल पर हमें पांच हज़ार से ज़्यादा प्रतिक्रियाएं मिलीं. हम यहां आपको चुनिंदा कमेंट्स पढ़वा रहे हैं:
सलमान सैय्यद लिखते हैं, ''मोदीजी से अनुरोध है कि वो 15 अगस्त से पहले लालकिले का नाम बदलकर भगवा किला रख दें.''
ठाकुर दिव्यानंद सिंह ने लिखा, ''राष्ट्रपति भवन के अंदर मुगल गार्डन है. उसका भी नाम बदलो नया नाम रखो- मोदी बाग."
नाम बदले जाने के पक्ष में आदित्य विक्रम सिंह लिखते हैं, ''मन को सुकून होगा. जिन लोगों ने हमारे देश को लूटा, शोषण किया. ऐसे लोगों के नाम का इस्तेमाल हम क्यों करें. आखिर मुगल, अक़बर जैसे लोगों ने हमारे देश को दिया ही क्या?''
साहिल अली लिखते हैं, ''अगर मुस्लिमों से इतनी ही नफरत है तो लालकिला, ताजमहल, कुतुब मीनार छोड़ दो. एपीजे अब्दुल कलाम की बनाई हुई मिसाइल भी दे दो.''
भवानी शंकर शर्मा दिल्ली में औरंगज़ेब रोड का नाम बदलकर कलाम रोड रखे जाने को याद करते हुए तंज करते हैं, ''जब से औरंगज़ेब रोड बदलकर कलाम रोड हुआ है, तब से वहां भीड़ बहुत कम हो गई है. अब्दुल कलाम मार्ग पर चलना बहुत मुश्किल है.''
मनोहर झा लिखते हैं, ''मुझे नही लगता कि यह एक सही फ़ैसला है. हम सर्वधर्मसमभाव के प्रतीक हैं. हम विश्वगुरु बनने की राह पर अग्रसर हैं तो फिर इस तरह की बातें ये दिखाती हैं कि हमारी सोच सिकुड़ती जा रही है. नाम नहीं सोच बदलने की ज़रूरत है.''
ज़ाहिद लिखते हैं, ''अगर रेलवे स्टेशन और शहरों के नाम बदलने से विकास होता है, तो बेरोजगारों को अपना नाम मुकेश अंबानी रख लेना चाहिए.''
प्रहलाद का कहना है कि नाम ही तो बदल रहे हैं, इसमें बुराई क्या है.
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