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सोशल: नरेंद्र मोदी को कौन सी किताब देना चाहते हैं लोग?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात लोगों तक पहुंचाते हैं. इस बार उन्होंने किताबों की बात की है. उन्होंने कहा, ''मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे एक दूसरे को तोहफ़े में बुके (गुलदस्ता) के बजाय किताबें दें. यह कदम बड़ा बदलाव ला सकता है.''
यह ट्वीट पीएमओ इंडिया के हैंडल से किया गया था. इस ट्वीट के जवाब में लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दीं. विक्रम मोहन ने कहा,''किताबें जिंदगी भर का तोहफ़ा होती हैं. बेहतरीन आइडिया है सर, मैं ऐसा ही करूंगा.'' मधुमिता मजुमदार कहती हैं,''शिक्षा अहम है. प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने से लोगों को पढ़ाई से प्यार होगा. सिर्फ किताबें गिफ़्ट करना ही काफ़ी नहीं है.''
अनंत नारायण ने कहा,''फूल भले ही बर्बाद हो जाते हैं लेकिन फूल गिफ़्ट करने से उनके दाम बढ़ेंगे और किसानों को मदद मिलेगी.'' बीबीसी हिंदी ने 'कहासुनी' में लोगों से पूछा कि अगर उन्हें पीएम मोदी को किताब गिफ़्ट करने का मौका मिला तो वे उन्हें कौन सी किताब देंगे. इसके बड़े ही दिलचस्प जवाब सामने आए. फ़ेसबुक पर वासिम अहमद ने कहा कि वह पीएम मोदी को रवीश कुमार की लिखी किताब देना चाहेंगे.
हितेश पटेल कहते हैं कि वो विदेश प्रवास के बारे में कोई किताब उन्हें गिफ़्ट करना चाहेंगे. विनय प्रजापति ने ट्विटर पर कहा कि वो प्रधानमंत्री को 'सत्य के प्रयोग' तोहफ़े में देना चाहेंगे. ईश्वर सिंह उन्हें भारतीय संविधान और गौरव कुमार शर्मा खुशवंत सिंह की 'ट्रेन टु पाकिस्तान' देना चाहेंगे.
तक़ीर अहमद उन्हें राणा आयूब की लिखी 'गुजरात फाइल्स' देना चाहते हैं और आशीष कनौजिया पंचतंत्र की कहानियां. दीक्षा प्रधानमंत्री को ब्राजील के लेखन पाउलो कोएलो की 'द अल्केमिस्ट' देना चाहती हैं. वहीं, मधुसूदन दीक्षित उन्हें डॉ. कलाम की लिखी 'विंग्स ऑफ फायर' गिफ़्ट करना चाहते हैं.
कुछ दिनों पहले उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वो आरएसएस का सामना करने के लिए गीता और उपनिषद् पढ़ रहे हैं. उनके इस बयान ने भी सोशल मीडिया में काफी हलचल मचाया था.
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