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मोदी सरकार के तीन साल: क्या कहती है जनता
साल 2014 में चुनकर सत्ता में आई नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इस साल 3 साल पूरे कर लिए हैं.
'अच्छे दिन', नए रोज़गार, स्वच्छ भारत और आधुनिक भारत जैसे कई वायदे करने वाली ये सरकार क्या इन तीन सालों में जनता की उम्मीदों पर खरी उतर पाई.
इसी मुद्दे पर बीबीसी हिंदी ने बुधवार को अपने पाठकों से पूछा, "मोदी सरकार के तीन साल. एक शब्द में कैसे डिफाइन करेंगे सरकार को आप?"
इस सवाल पर हमें 500 से अधिक कमेंट मिले हैं. पढ़िए उनमें से कुछ चुने हुए कमेंट्स:
वकार अहमद ने तंज कसा है- 'बुलेट ट्रेन और स्मार्ट सिटी, 15 लाख, घी 15 रुपये किलो और भी बहुत कुछ.'
पवन कुमार पंकज लिखते हैं- 'अच्छे दिन?'
केशव कुमार ने लिखा- 'जुमलेबाज़ी.'
मोहम्मद अनवर-ए-इलाही लिखते हैं- 'एक शब्द में, जुमला.'
हितेश यादव ने लिखा- 'फेंकू सरकार.'
मोहम्मद आरिफ़ लिखते हैं- 'विकास नहीं, बकवास किया तीन साल.'
अनवर हुसैन- 'बेरोज़गारी.'
मणिटीन अग्रवाल ने लिखा- 'जोक ऑफ़ द सेंचुरी.'
रोहन कुंद्रा ने लिखा- 'भाजपा का कहना है कि विकास हुआ है, पर मुझे अब तक वहीं कांग्रेस वाला विकास ही दिख रहा है, चाहे वो मनरेगा हो या आधार.'
फ़ैसल नदीम ने लिखा- 'पिछले 3 सालों से सरकार ने खुब बेवकूफ बनाया हम लोगों को.'
नसीमुद्दीन काज़ी ने लिखा- '60 साल से देश की बिगड़ी हुई हालत तीन साल में कैसे सुधर सकती है.'
राम अवध कहते हैं- 'देश तरक्की कर रहा है.'
प्रेम कुमार ने लिखा- 'अच्छा है, लेकिन रोज़गार तो बढ़ाइए.'
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