You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
सोशल- सांसद परेश रावल बोले: पत्थरबाज़ों को नहीं, अरुंधति रॉय को आर्मी जीप से बांधो
क्या अपनी बात सहज़ ढंग से खुलकर रखने पर जीप से बांधकर घुमाया जाना चाहिए?
लोकतांत्रिक व्यवस्था में यकीन रखने वाले लोग इसका जवाब 'नहीं' में देंगे. लेकिन इसी सवाल पर बीजेपी सांसद और एक्टर परेश रावल की राय कुछ अलग है.
आर्मी जीप से कश्मीरी युवक को बांधकर घुमाए जाने के मामले को आगे बढ़ाते हुए परेश रावल ने एक असंवेदनशील ट्वीट किया है.
परेश रावल ने लिखा, ''आर्मी जीप से पत्थरबाज़ों को बांधने की बजाय अरुंधति रॉय को बांधना चाहिए.''
कहां से शुरू हुआ मामला?
अरुंधति रॉय लेखिका और समाजसेवी हैं, जो अक्सर कश्मीरियों के पक्ष में बोलती नज़र आती हैं.
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में अरुंधति रॉय ने कहा था, ''भारत कश्मीर में अगर 7 से 70 लाख सैनिक भी तैनात कर दे, तब भी कश्मीर में अपना लक्ष्य नहीं पा सकता.'' हालांकि इन रिपोर्ट्स के पुख्ता होने की जानकारी बीबीसी के पास नहीं है.
इस ट्वीट को लेकर रावल की सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है. हालांकि इस मामले में परेश रावल जैसी सोच रखने वाले कुछ लोग इसे पंसद भी कर रहे हैं.
रॉय-रावल विवाद, लोग क्या बोले?
पत्रकार प्रियंका बोरपुजारी ने लिखा, ''फिल्मों में अपने किरदार में आपकी जान फूंकने की कला की मैं कायल हूं. लेकिन आपके हिंसक शब्दों से मैं हैरान हूं. क्या आप जानते हैं कि इस ट्वीट से हिंसा भड़काने को लेकर आपको जेल हो सकती है.''
सुनील गोस्वामी इसका जवाब देते हुए लिखते हैं, ''सागरिका घोष खुलेआम दंगा भड़काने की कोशिश करती हैं, वो आप सब के लिए ठीक है?''
इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने तो अन्य जानी-मानी पत्रकारों को भी निशाना बनाया.
अश्विनी शर्मा ने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए लिखा, ''सर, अगर आर्मी सागरिक घोष, बरखा दत्त और राणा अय्यूब को बांधे तो उस जीप पर मैं पत्थर फेंकूंगा.''
अपने ट्विटर बायो में खुद को वीएचपी का बताने वाले अभिषेक मिश्रा लिखते हैं, ''बांधने के लिए कई लोग हैं. अरुंधति उनमें से एक हैं. लिस्ट लंबी है ऐसे लोगों की.''
@Realitybytes51 ने तंज किया, ''यही होता है, जब एक मसखरा मंत्री बन जाता है.''
ऋतुपर्णा ने लिखा, ''मैं ये नहीं समझ पा रही हूं कि आपकी पार्टी बीजेपी इसके खिलाफ अब तक क्यों नहीं बोली है. हमारे पीएम नरेंद्र मोदी कहां हैं?''
विशाखा लिखती हैं, ''हे भगवान. आपको भी अरुंधति की किताब गॉड ऑफ स्माल थिंग्स समझ न आने का गुस्सा है. होता है. पढ़े लिखे होते तो इंसान होते.''
विनय कुमार ने ट्वीट किया, ''ये ट्वीट बताता है कि शिक्षा की कमी से इंसान में इंसान की तरह व्यवहार करने की काबिलियत नहीं रह गई है.''
मनीष चंद्रा ने कहा, ''सर ये बहुत खराब है. आप एक सम्मानित एक्टर हैं और सड़क किनारे व्यक्ति से भी घटिया है ये बयान. किसी को भी इस तरह नहीं बांधा जाना चाहिए.''
सुनील जैन ने लिखा, ''देश मे एक कलाकार ऐसा भी है, जिसे नरेंद्र मोदी भी फॉलो करते हैं. दिल गदगद हो गया, इतने उच्च विचार सुन कर?''
जीप से बांधा, आर्मी ने दी क्लीन चिट
हाल ही में कश्मीरी युवक फारूक़ अहमद डार को आर्मी की जीप के बोनेट से बांध कर घुमाया गया था.
इस वीडियो के वायरल होने के बाद आर्मी ने जांच के आदेश दिए. बाद में फारूक़ को जीप से बांधने वाले आर्मी के अधिकारी को क्लीन चिट दी गई.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)