सोशल: 'मां को नहीं पता- क्या होता है मदर्स डे'

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हमारी ज़िंदगी का हर दिन मां की देन है. ऐसे में मां को याद करने के लिए किसी ख़ास दिन की ज़रूरत नहीं है.
फिर भी एक दिन है, मदर्स डे यानी मांओं का दिन. आज लोग मदर्स डे मना रहे हैं.
सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी मां को याद करते हुए लिख रहे हैं. #MothersDay रविवार सुबह से ही टॉप ट्रेंड में शामिल है.

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ट्विटर पर क्रिकेट के फैक्टस बताने वाले मोहनदास मेनन ने लिखा, ''मदर्स डे पहली बार 1908 में मनाया गया था.''
प्रेरणा त्यागी लिखती हैं, ''मां बस मां है. मां एक शब्द नहीं. इसकी कोई परिभाषा नहीं. कोई व्याख्या नहीं.''

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शबनम ने ऐसे लोगों पर तंज किया, जो मदर्स डे को सोशल मीडिया पर मनाने वाले लोगों का मजाक उड़ाया.
शबनम ने फेसबुक पर लिखा, ''हर दिन मां का होता है.. कहने वाले लोगों, तुम कहां हो. ये सब ज्ञान वूमेन्स और वेलेंटाइंस डे पर ही निकलता है.''

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पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने लिखा, ''मैं पहली नज़र में प्यार होने में यकीन रखता हूं. मैंने जब से अपनी आंखें खोली हैं, तब से मां से प्यार करता हूं.''

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रितेश ने लिखा, ''मेरी मां को ये नहीं मालूम है कि मदर्स डे क्या होता है. लेकिन मैं जानता हूं कि मां मेरे लिए क्या हैं. वो मुझे दुनिया में सबसे ज्यादा खुश देखना चाहती हैं.''
मां का पसंदीदा खाना मालूम है?

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हमें खाने में क्या पसंद है और क्या नहीं. ये मां को मालूम होता है. लेकिन क्या आपको मालूम है कि आपकी मां को खाने में सबसे ज़्यादा क्या पसंद है.
ये सवाल हमने बीबीसी हिंदी के पाठकों से पूछा. कुछ को सवाल का जवाब मालूम था और कुछ को नहीं.
संजय सिंह ने लिखा, ''माफ़ कीजिएगा. नहीं मालूम है. अपने बारे में सोचकर अजीब लगा, क्योंकि मेरी मां को सब पता है.''
मानिक फेसबुक पर लिखते हैं, ''बच्चों को संतुष्टि से खिलाने के बाद जो बच जाता है, वही डिश मेरी मां को पसंद है.''
अबु बकर ने लिखा, ''नहीं मालूम. शर्मिंदा हूं. मेरी मां ने अपनी सारी ख्वाहिशें मेरी ख़ातिर कुर्बान कर दी.''
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