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सोशल: 'मोदी जी विकास से श्मशान तक पहुंच गए'
उत्तर प्रदेश में फतेहपुर की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को लेकर ट्विटर पर तीखी प्रतिक्रिया आ रही है. मोदी ने अखिलेश सरकार पर राज्य में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि सरकार क़ब्रिस्तान बनाती है तो श्मशान का भी ध्यान रखे. उन्होंने कहा कि यदि रमज़ान में बिजली दी जाती है तो दिवाली में भी बिजली दी जानी चाहिए.
मोदी के इस भाषण की ट्विटर पर जमकर आलोचना हो रही है. मोदी के भाषण के बाद ट्विटर पर #एलायंस रैटल्ड मोदी (#AllianceRattledModi) टॉप ट्रेंड करने लगा. इसी हैशटैग से हज़ारों ट्वीट हुए हैं.
जावेद अहमद नाम के एक ट्विटर यूज़र ने ट्वीट किया है, ''मैंने कभी नहीं सोचा था कि हमारे पीएम इस हद तक नीचे जाएंगे. वो विकास से श्मशान तक चले गए. एमपी और एमएलए के बाद अब हमारे प्रधानमंत्री हिन्दू और मुस्लिमों को बांटने का काम करने लगे हैं.''
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने भी मोदी को इस टिप्पणी के लिए निशाने पर लिया. लालू ने ट्वीट किया, ''देश ने ऐसा पीएम नहीं देखा जो सीने पर अपनी पार्टी का चिह्न चिपका धर्म और जाति की बात कर देशवासियों की भावनाएं भड़काने का काम करता है.''
ट्विटर पर कई लोगों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी चुनाव हारने जा रही है इसलिए मोदी की भाषा विकास से श्मशान की ओर रुख कर गई है. महक नाम की एक ट्विटर यूजर ने लिखा है, ''कैसे मेरे नेता है, कैसी राजनीति है. बिजली का भी धर्म और जाति है.''
राहुल काजल नाम के एक यूजर ने लिखा, ''श्मशान और कब्रिस्तान का जिक्र जब शख़्स करने लगे तो समझ जाना चाहिए कि वो राजनीति के अंतिम पड़ाव पर आ गया है.''
एनजी #विद आरजी नाम से एक ट्विटर यूजर ने लिखा है, ''मोदी जी शायद गोधरा ने आपको सीएम बनाया, मुजफ्फरनगर ने पीएम बनाया लेकिन अब लोग आपके ज़हर से सतर्क हो गए हैं.''
अब्दुल मनान नाम के एक शख़्स ने लिखा है कि प्रधानमंत्री हैं, कुछ तो आत्मसम्मान का ख़्याल रखिए.
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