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जयललिता की मौत कोई साज़िश नहीं थी
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत के बाद ओ पनीरसेल्वम को मिली तमिलनाडु की सत्ता अब शशिकला संभालेंगी.
पनीरसेल्वम के इस्तीफे और विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद शशिकला अब राज्य की अगली मुख्यमंत्री बनने वाली हैं.
ये एलान होते ही जयललिता की मौत के पीछे साजिश होने की अटकलें फिर जोर पकड़ने लगीं.
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने जयललिता की मौत के पीछे साजिश होने का आरोप लगाया. ये बहस इतनी बढ़ी कि सोमवार को जयललिता का इलाज कर रहे लंदन से आए डॉक्टर रिचर्ड बेएल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बारे में सफाई पेश की.
डॉ. रिचर्ड बेएल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बातें कहीं -
- शुरुआत में जब जयलिलता को अस्पताल लाया गया, उनकी हालत नाज़ुक थी. वो बात तक नहीं कर पाती थीं. हालांकि बाद में उनकी हालत में सुधार हुआ था.
- अस्पताल में मैंने अम्मा से बात की थी. इलेक्शन कमीशन के फॉर्म के लिए उन्होंने अंगूठा उठाकर संकेत दिया था.
- जयललिता के शरीर के अंगों का ट्रांसप्लांट या कोई सर्जरी नहीं की गई थी. जयललिता को इंफेक्शन हुआ था.
- ये इंफेक्शन अम्मा के पूरे शरीर के अंगों और खून में फैल गया था. अचानक अम्मा को दिल का दौरा पड़ा और 5 दिसंबर को रात 11.30 बजे उनकी मौत हो गई.
- मरीज के कमरे में सीसीटीवी कैमरा नहीं था. अगर होता भी तब भी हम कोई तस्वीर रिलीज़ नहीं करते.
डॉ. रिचर्ड की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस और जयललिता की मौत के पीछे साजिश होने या न होने की चर्चा सोशल मीडिया पर भी रही.
निकेश ने ट्वीट किया, ''निर्भया को इलाज के लिए सिंगापुर भेजा गया था ताकि इंफेक्शन से बचाया जा सके. लेकिन जयललिता के केस में ऐसा क्यों नहीं हुआ?''
जेनिफर ने लिखा, ''बेहद खराब परफॉर्मेंस. प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पॉट फिक्सिंग हो रही है.''
कृष्णा ने ट्वीट किया, ''पैसा मायने रखता है और अब चिन्नमा उससे ज़्यादा.''
इश्तियाक खान ने लिखा, ''कमाल की फ़िल्म स्क्रिप्ट लिखी गई है. डायरेक्ट किया है अपोलो अस्पताल और डॉ. रिचर्ड ने. लेकिन इसे बनाने में दो महीने कैसे लग गए?''
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