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सोशलः अमरीका में एच1बी वीज़ा नियम बदलाव से परेशान भारतीय
अमरीकी संसद में एच1-बी वीज़ा को लेकर नया बिल पेश किया गया है.
अगर ये विधेयक क़ानून बनता है तो एक लाख तीस हज़ार डॉलर सालाना न्यूनतम सैलरी होने पर ही ये वीज़ा मिलेगा.
फिलहाल ये सीमा 60 हज़ार डॉलर है. इसका असर अमरीका में नौकरी पाने की चाह रखने वाले भारतीयों पर हो सकता है.
बड़ी तादाद में भारतीय एच1-बी वीज़ा लेकर अमरीका में नौकरी करते हैं. और कई नौकरी करने के लिए वहां जाना चाहते हैं.
ये ख़बर आने के बाद से ही H-1B भारत में सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है. इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं.
रियलिस्ट इंडियन(@India_Progress) ने लिखा, एच1बी वीज़ा का इस्तेमाल भारतीय आईटी कंपनियां करती थीं. अगर ये ज़ारी नहीं रहा तो किसी को इस पर रोना रोने का अधिकार नहीं है. अमरीका के पास अपनी नीतियां निर्धारित करने का अधिकार है.
राव (@RaoCosmos) ने ट्वीट किया, "डोनल्ड ट्रंप के नए एच1बी वीज़ा नियम से भारतीय कंपनियों को नुक़सान होगा. अमरीका की फ़र्ज़ी कंसलटेंसी कंपनियों को भी."
पार्थ कुलकर्णी (@parthya) ने लिखा, "इसका न्यूयॉर्क में होली की तस्वीरों पर व्यापक असर होगा."
इंजीनर्ड (@mainbhiengineer) ने लिखा, " शुक्रिया ट्रंप, अब ऑनसाइट काम कर रहे लोगों के फ़ेसबुक अपडेट्स कम हो जाएंगे. दुनिया में शांति के लिए कुछ भी चलेगा."
आर्थी प्रिया (@rtpriya) ने लिखा, "एच1बी बिल ने औसत भारतीय के ऑनसाइट अमरीकी स्वप्न को तोड़ दिया है."
रमेश श्रीवत्स (@rameshsrivats) ने लिखा, "ओह्ह नो, अब हमारी कंपनियों को लोगों के बजाय सॉफ़्टवेयर बेचने होंगे."
अभीक (@babumossai) ने ट्वीट किया, "नियम इसलिए सख़्त किए गए हैं ताक़ि लोग अपने सहकर्मियों की अमरीकी तस्वीरों को फ़ेसबुक पर देखकर हताश न हों."
ट्रॉल्स यूनियन (@TrollsUnion) ने लिखा, "एच1बी वीज़ा नियमों में बदलाव का असर दुनियाभर में नौकरियों पर पड़ेगा. जो लोग सोचते हैं कि शैतान मेरा दोस्त हैं, अब उन्हें पता चल गया होगा कि शैतान किसी का दोस्त नहीं होता."
वहीं 'भारत माता की जय' ( @SinghAwantika) नाम से चल रहे अकाउंट से लिखा गया, " दूसरों के लिए क्यों काम करना अपना खुद का काम स्टार्ट करो, एच1बी पर अमरीका के रुख को मौके की तरह लो और भारत को ही अमरीका बना दो."