सोशल: 'ट्रंप के बैन का असर ओसामा बिन लादेन के देश पर नहीं'

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अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश के ज़रिए सभी शरणार्थियों के अमरीका आने पर रोक लगा दी है.
इसके अलावा आदेश के तहत सात मुस्लिम बहुल देशों से आने वाले लोगों पर भी 90 दिनों तक रोक रहेगी.
ट्रंप के इस आदेश को लेकर सोशल नेटवर्क पर भारी बहस छिड़ी है. रविवार सुबह से ही ट्विटर पर #MuslimBan ट्रेंड करने लगा था और लोग इस आदेश पर अपनी राय दे रहे थे.

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हालांकि ट्रंप के आदेश को लेकर लोगों की राय अलग-अलग रही.
ट्विटर यूज़र @fahedm11 ने इस आदेश के बाद खड़ी हुई परेशानी का ज़िक्र करते हुए लिखा, "मेरे पिता इराक़ी ग्रीन कार्डधारी हैं, जो अक्सर घूमने के लिए जॉर्डन आते हैं. लेकिन इस आदेश के बाद उनके वापस जाने का कोई रास्ता नहीं बचा."
@JoelMWood हैंडल से जॉयल ने लिखा, "यह बैन मेरी समझ से परे है. अमरीका को ख़ुद को बचाने के लिए अपने उन नागरिकों से बचने की ज़रूरत है, जो बंदूकधारी हैं. ना कि मुसलमानों से."

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ओसामा-बिन-लियाक़त मीर (@oblmir) ने ट्विटर पर लिखा, "मुझे अमरीका के #MuslimBan से कोई शिकायत नहीं है. बस अमरीकी सेनाएं इन सात देशों से अपने सैनिकों को हटा लें. यही काफ़ी होगा."
@MangosteenGuy हैंडल से सौरभ श्रीवास्तव ने लिखा, "सिर्फ़ सात देशों के लोगों को अमरीका में एंट्री से रोका गया है. तो भला यह कैसे #MuslimBan हो गया?"

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ट्विटर यूज़र @FrancescoCoccoT लिखते हैं, 'लोगों को ओसामा बिन लादेन तो ज़रूर याद होगा? वह शख़्स सऊदी अरब से ताल्लुक रखता था. तो #MuslimBan का उस पर तो कोई असर पड़ता नहीं. उनके देश का नाम लिस्ट में नहीं है'
@BrendadeKort68 से लिखा गया, 'सोचिए, जिस फ़ोन से डोनल्ड ट्रंप अपने सारे ट्वीट कर रहे हैं, वो ख़ुद एक सीरियाई शरणार्थी के बेटे के हाथों डिज़ाइन किया गया फ़ोन है. #SteveJobs'
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