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'साइकिल लेकर बच्चे भागते हैं, बाप को रखनी चाहिए एक डुप्लीकेट चाबी'
सपा की 'साइकिल' अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चलाएंगे.
चुनाव आयोग ने सोमवार को समाजवादी पार्टी और चुनाव चिन्ह 'साइकिल' पर अखिलेश यादव को अधिकार दिया.
इससे पहले मुलायम और अखिलेश दोनों ही पक्षों ने चुनाव चिन्ह को लेकर अपनी चिट्ठी चुनाव आयोग को सौंपी थी. इसी के मद्देनज़र चुनाव आयोग ने ये फैसला सुनाया.
चुनाव आयोग के इस फैसले की सोशल मीडिया पर भी चर्चा रही.
पढ़िए किसने क्या कहा?
मौसमी सिंह ने लिखा, ''अखिलेश यादव ने साइकिल रेस जीत ली है.''
@Darpanrai ने लिखा, ''मुलायम सिंह ने बहुत अच्छी तरह से खेलते हुए सारी शक्ति अखिलेश यादव को सौंप दी है. असली नेता इसे कहते हैं.''
@Shri_Niwash ने ट्वीट किया, ''साइकिल लेकर बच्चे भाग भी जाते हैं. अत: बाप को एक डुप्लीकेट चाबी अपने पास जरूर रखनी चाहिए.''
नेहा त्यागी ने लिखा, ''कोई शिवपाल चच्चा का नंबर तो दो भाई लोग. दुख की घड़ी में सांत्वना देना तो बनता है.''
अनस ने फेसबुक पर लिखा, ''घंटी हुई अमर सिंह की, स्टैंड शिवपाल के हिस्से.''
निशांत ने फेसबुक पर लिखा, ''लल्ला जिद्दी निकरे. साइकिल लै के ई माने. संग में पार्टी कोउ लै गए.''
कुमार अनुज ने लिखा, ''ये सब आम जनता को मूर्ख बनाने की नौटंकी है और कुछ नहीं.''
शेखर कुशवाहा फेसबुक पर लिखते हैं, ''इतिहास गवाह है कि हर बेटे ने अपने बाप से साइकिल के लिए जिद की है और बाप को न चाहते हुए भी साइकिल देनी पड़ी है.''
कुमार राहुल ने लिखा, ''अरे बापू नहीं, अब तो बेटे हानिकारक हैं. बापू की साइकिल भी बापू के पास नहीं छोड़ी.'''
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