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'आरबीआई....रोलबैक बैंक ऑफ़ इंडिया'
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बुधवार 21 दिसंबर को बैंकों में पाँच हज़ार रुपए से ज़्यादा राशि जमा करने संबंधी अपने सर्कुलर में अहम बदलाव किए हैं.
अब कोई भी केवाईसी शर्तों वाला बैंक खाताधारक तीस दिसंबर तक पाँच हज़ार से अधिक रुपए बैंक में बिना स्पष्टीकरण दिए एक से अधिक बार जमा करा सकता है.
सोमवार को जारी सर्कुलर के तहत पाँच हज़ार से अधिक रुपए सिर्फ़ एक ही बार जमा कराए जा सकते थे और ऐसा करने पर स्पष्टीकरण भी देना था.
आरबीआई ने नोटबंदी के बाद एक के बाद एक कई नियम बदले हैं और सर्कुलर जारी किए हैं.
लोग नियमों में इस ताज़ा बदलाव को आरबीआई का यू-टर्न मान रहे हैं. सोशल मीडिया पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं. हैशटैग यू-टर्न ट्विटर पर ट्रेंड भी कर रहा है.
वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट किया, "इस औसत से आरबीआई बहुत जल्द ही रोलबैक बैंक ऑफ़ इंडिया बन जाएगा."
स्वराज अभियान के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने ट्वीट किया, "अच्छी ख़बर. लोगों की जीत हुई, आपके 7545 री-ट्वीट काम कर गए, आरबीआई को अपना बचकाना आदेश वापस लेना पड़ा,"
योगेंद्र यादव ने इस नए नियम से हुई परेशानी के बारे में ट्वीट किया था जिसे सात हज़ार से अधिक बार री-ट्वीट किया गया था.
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, "समूचा वित्तीय तंत्र भरोसे पर निर्भर करता है. अगर आरबीआई ही भ्रमकारी और विरोधाभासी जानकारियां देगा तो आरबीआई पर कौन विश्वास करेगा.
पत्रकार राहुल कंवल ने सवाल उठाया, "गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या आरबीआई अपने आदेशों के प्रभाव को लेकर गंभीरता से विचार करकता है. शीर्ष नेतृत्व की क्षमताओं पर सवाल उठ रहे हैं."
एक और ट्वीट में राहुल कंवल ने लिखा, "8 नवंबर के बाद से वित्त मंत्रालय और आरबीआई अब तक 59 आदेश ला चुके हैं. टी-20 के स्टेंडर्ड से भी ये ज़बरदस्त स्ट्राइक रेट है."
सिद्धार्थ भाटिया ने ट्वीट किया, "दो महीनों के भीतर ही आरबीआई ने दशकों की मेहनत से बनाई गई विश्वसनीयता और वैधता खो दी है. इसे दोबारा हासिल करने में बहुत वक़्त लगेगा.
लेखिका शोभा डे ने ट्वीट किया, "41 दिनों में आरबीआई का 60वां आदेश. ये पागलपन है. कौन इतना याद रख सकता है. कल का आदेश पहले सभी आदेशों को रद्द कर सकता है. फिर क्या?
अंकित जैन ने ट्वीट किया, "8 नवंबर को प्रधानमंत्री के भाषण में किए गए सभी वादें वित्त मंत्रालय और आरबीआई ने तोड़ दिए हैं. ये लोग कैसी सरकार चला रहे हैं."
कुछ लोग इस पर मज़ाकियां टिप्पणियां भी कर रहे हैं.
कॉमेडियन वीर दास ने ट्वीट किया, "नोट जमा करने के लिए आरबीआई का नया नियम. आपको ट्रिपल बैक फ्लिप करते हुए हाथ मिलाना होगा और तितली रानी सुनाते हुए चार जजों से 9/10 नंबर हासिल करने होंगे."
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