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'मेरे पास पीएम के पर्सनल करप्शन की जानकारी है'
बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेस कर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा.
राहुल गांधी नोटबंदी के मुद्दे पर बोलना चाहते थे. इस साल राहुल गांधी कितनी बार 'भूकंप' लाए?
उन्होंने कहा, "बीते महीने से हम सरकार से बात करने की कोशिश कर रहे हैं और बिना शर्त बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं है."
उन्होंने कहा "मेरे पास पीएम के पर्सनल करप्शन के बारे में जानकारी है, जिसे बताने पर उनका गुब्बारा फट जाएगा. इसीलिए वो हमें अंदर बोलने देना नहीं चाहते."
संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने राहुल गांधी के आरोपों को ''झूठ और आधारहीन'' और ''बहुत दुर्भाग्यपूर्ण'' बताते हुए ख़ारिज किया.
रिपोर्टरों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ये आरोप निराशा में दे रहे हैं और उन्हें देश से माफ़ी मांगनी चाहिए.
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर का कहना था, ''वो कहते है कि बोलूंगा तो भूंकप आ जाएगा. हम कहते हैं बोलो, भूकंप नहीं आएगा, उनके पैरों तले ज़मीन ख़िसक जाएगी.''
उनका कहना था, ''50 दिन तक गुम होने की आदत आपकी है प्रधानमंत्रीजी की नहीं.''
केंद्रीय राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री पर दिए गए बयान को साल का 'सबसे बड़ा जोक' बताया है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है, ''अगर राहुल गांधी के पास वाकई में मोदीजी के ख़िलाफ़ भष्टाचार में लिप्त होने के दस्तावेज़ मौजूद हैं तो वो संसद के बाहर उनकी जानकारी क्यों नहीं देते?''
उनके इन ट्वीट को ले कर सोशल मीडिया में चर्चा हो रही है और कई लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
शंकर राज ने लिखा, "भूकंप लाने में नाकाम होने के बाद, राहुल गांधी पीएम के ख़िलाफ़ 'बम' ले कर लोकसभा पहुंचे."
अजित वंदे मातरम लिखते हैं, "यह तो आजकल ऐसे रो रहें हैं जैसे मोदी ने इनका लॉलीपाप छीन लिया हो ....."
हंटर नाम के एक ट्विटर हैंडल ने लिखा, "संसद में मोदी जी बोलने नहीं देते और ट्विटर पर लेज़न ट्वीट करने नहीं देता."
टीना आरजी ने लिखा, "राहुल गांधी. भारत के साथ है. चुने हुए नेताओं को सदन में नहीं बोलने दे कर इस तरह परेशान नहीं किया जा सकता."
दीपक मिश्रा ने लिखा, "प्रेस कांफ्रेंस करो. उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दायर करो."
कपिल जैन पूछते हैं, "मोदी पर आरोप लगाने के अलावा आपके पास उनके ख़िलाफ़ क्या दलीलें हैं? क्या आपके पास अपनी बात साबित करने के लिए पक्के सबूत हैं?"