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पिटाई के निशान छिपाने के लिए मेकअप बना मुद्दा
'घरेलू हिंसा से लगी चोटों को मेकअप करके कैसे छिपाएं', मोरक्को के सरकारी टीवी पर प्रसारित एक कार्यक्रम में जब ये दिखाया गया तो सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया.
कार्यक्रम में मेकअप आर्टिस्ट सलाह दे रही है कि कैसे घरेलू पिटाई के बाद लगी चोटों को फॉउंडेशन लगाकर छिपाया जा सकता है. उसके बाद वो अलग-अलग ब्रांड के फ़ाउंडेशन पर चर्चा करती है.
कार्यक्रम के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने ग़ुस्से का इज़हार किया. साथ ही लोगों ने महिलाओं के प्रति हिंसा को इतने हल्के तरीके से लेने के ख़िलाफ़ फ़ेसबुक पर मुहिम छेड़ दी है जिसके लिए हज़ारों लोग अपना समर्थन जता चुके हैं.
मोरक्को के लोग वहां के मीडिया वॉचडॉग हाका (हाई अथॉरिटी ऑफ़ ऑडियोविज़ुअल कम्युनिकेशन) से अपील कर रहे हैं कि चैनल के ख़िलाफ़ सख्त एक्शन लिया जाय.
बाद में चैनल ने इस कार्यक्रम के लिए माफ़ी मांगते हुए कहा, "कार्यक्रम बिलकुल अनुपयुक्त था. लोगों की भावनाओं को चोट पहुंची उसके लिए हम माफ़ी मांगते हैं. हम मानते हैं कि हमसे एक बड़ी संपादकीय भूल हुई है."
लेकिन चैनल की माफ़ी के बावजूद लोगों का ग़ुस्सा कम नहीं हो रहा है.
एक फ़ेसबुक यूज़र ने व्यंग्य के लहज़े में लिखा, "क्या बात है. अब मुझे अपने पति से पिटाई की कोई चिंता नहीं. अब मैं आराम से सो सकूंगी. पिटाई हुई तो झट से मेकअप. काम ख़त्म."
एक और फ़ेसबुक यूज़र लिखते हैं, "चैनल ने माफ़ी मांग ली तो क्या मामला ख़त्म हो गया. मीडिया वॉचडॉग को इस चैनल को सख्त चेतावनी देनी होगी. ऐसे क़दम उठाने होंगे ताकि आगे से कोई ऐसी ओछी हरकत ना करे."
एक और फ़ेसबुक यूज़र ने चैनल पर तंज कसते हुए कहा, "क्या ब्लेड से लगे ज़ख्मों को भी मेकअप हटा सकता है."
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