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'बोले मनमोहन, लड्डू बँटवाओ कांग्रेसियों'
पूर्व प्रधानमंत्री और राज्यसभा में कांग्रेस के सांसद मनमोहन सिंह ने नोटबंदी के मोदी सरकार के फ़ैसले पर कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने इसे क़ानूनन चलाई जा रही व्यवस्थित लूट कहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी, जिसके बाद कुछ विपक्षी दलों ने इसका कड़ा विरोध किया था.
विपक्ष ने संसद में पीएम के बयान की मांग की थी. जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तो भाजपा समेत कई विपक्षी दल उन्हें 'मौन-मोहन सिंह' कहते थे.
लेकिन नरेंद्र मोदी को भी कई मुद्दों पर चुप रहने के कारण विपक्ष की आलोचना झेलनी पड़ी है.
राज्यसभा में मनमोहन सिंह के भाषण के बाद सोशल मीडिया ख़ासकर ट्विटर पर #manmohansingh और #मनमोहन सिंह ट्रेंड करने लगा.
चिन्मय ने मनमोहन सिंह के बोलने पर लिखा है कि कांग्रेसियों को लड्डू भी बँटवाना चाहिए.
पीएम नरेंद्र मोदी का खुलकर समर्थन करने वाले अभिनेता अनुपम खेर ने लिखा है कि नोटबंदी के साइड इफ़ेक्ट - मनमोहन सिंह जी आज 10 मिनट तक बोले. जय हो.
उनके जवाब में आदिल अहमद शेख़ ने लिखा है- अनुपम खेर जी, मनमोहन सिंह में इतनी हिम्मत है कि कम से कम वे बोले तो, आपके भगवान मोदी मुँह छिपाकर क्यों भाग रहे हैं.
रवि किरण लिखते हैं कि मनमोहन सिंह बोल भी सकते हैं, मुझे अब भी इसका भरोसा नहीं हो रहा. बड़ा दिन.
चेतन चौहान लिखते हैं कि मनमोहन सिंह अर्थशास्त्र के महारथी हैं. 2014 में सत्ता संभालने के बाद नरेंद्र मोदी ने उनसे सलाह ली थी. क्या अब वे उन्हें सुनेंगे?
सैम ने लिखा है- मोदी को अब भी ये सीखने की ज़रूरत है कि प्रधानमंत्री को कैसे बोलना चाहिए, ये मनमोहन सिंह में नेचुरल है.