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'मुश्किल में, राज ठाकरे का दरवाज़ा खटखटाओ'
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी एमएनएस के प्रमुख राज ठाकरे ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी अब करण जौहर निर्देशित फ़िल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' की रिलीज़ का विरोध नहीं करेगी.
ठाकरे ने साथ ही ये भी कहा कि जिन निर्माताओं ने पाकिस्तानी कलाकारों को साइन किया हुआ है, वे आर्मी फंड में 5 करोड़ रुपए देंगे.
शनिवार को राज ठाकरे समेत साजिद नाडियावाला, मुकेश भट्ट, सिद्धार्थ रॉय कपूर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाक़ात की.
मुलाक़ात के बाद मुकेश भट्ट ने कहा कि निर्माता आगे से पाकिस्तान के कलाकारों के साथ काम नहीं करेंगे.
फ़िल्म में पाकिस्तानी कलाकार फ़वाद ख़ान के होने के कारण एमएनएस ने फ़िल्म के रिलीज़ को रोकने की धमकी दी थी.
राज ठाकरे के इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर राज ठाकरे ट्रेंड करने लगा और कई लोगों ने इस घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की.
ट्विटर हैंडल @msa28775 से लिखा गया है, "महाराष्ट्र की सत्ता किसके हाथों में है. भाजपा के नेतृत्व वाली फड़णवीस सरकार या एक विधायक वाले एमएनएस प्रमुख के हाथ में."
एक यूजर विक्रम ने ट्वीट किया, "एक तरह से ये तो फ़िल्म निर्माताओं से आर्मी फंड के लिए जबरन वसूली है."
पत्रकार राहुल कंवल ने ट्वीट किया, "राज ठाकरे से इस मुद्दे पर बात करने के बजाय सीएम देवेंद्र फडणवीस को एमएनएस के गुंडों से सख्ती से निपटना चाहिए था."
कुणाल साहनी ने ट्वीट किया, "ये सारा ड्रामा भारतीय सैनिकों के लिए था या पैसे के लिए था."
एक यूजर ने ट्विटर हैंडल @Marc_Me से लिखा, "अगली बार आपको कोई भी समस्या हो. पुलिस के बजाय राज ठाकरे का दरवाज़ा खटखटाइए."
प्रशांत नवादगी ने लिखा, "सैनिकों के परिवारों के बलिदान और आतंकवाद से पीड़ितों की तुलना 5 करोड़ से नहीं की जानी चाहिए और फ़िल्म को रिलीज़ करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए."
आसिफ़ ख़ान ने लिखा, "तो राज ठाकरे अपने राष्ट्रभक्ति के रुख़ से पीछे हट गए. अब उन्हें पाकिस्तान क्यों नहीं भेज देते?"
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