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'पाकिस्तानी कलाकारों को नहीं आतंकियों को भगाओ'
उड़ी हमले के बाद राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने पाकिस्तानी कलाकारों को भारत से चले जाने का अल्टीमेटम दिया है और ऐलान किया है कि वो ऐसी फ़िल्मों को रिलीज़ नहीं होने देंगे जिनमें पाकिस्तानी कलाकार काम कर रहे हैं.
उसके बाद से ट्विटर और फ़ेसबुक पर इस विषय पर बहस चल रही है.
कई लोग पाकिस्तानी कलाकारों के बहिष्कार के पक्ष में हैं तो कई लोग ऐसे भी हैं जो कह रहे हैं कि दो देशों के बीच चल रहे तनाव से कलाकारों और कला को दूर रखना चाहिए.
बीबीसी ने भी इस विषय पर अपने पाठकों की राय जाननी चाही जिस पर हमें दोनों ही तरह की प्रतिक्रियाएं मिलीं.
ट्विटर पर जय सिंह राठौर कहते हैं, "हमारे भारतीय सैनिक मारे जा रहे हैं ऐसे में हमें पाकिस्तानी कलाकारों की फ़िल्में क़तई नहीं देखनी चाहिए."
वहीं मानसी नाम की ट्विटर यूज़र लिखती हैं, "बहिष्कार पाकिस्तानी कलाकारों का नहीं बल्कि उन नासमझ भारतीय फ़िल्मकारों का करना चाहिए जो इन पाकिस्तानी कलाकारों को अपनी फ़िल्म में लेते हैं."
मनीष पांडेय नाम के ट्विटर यूज़र भी ऐसी ही राय रखते हैं.
@nikbhojal के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, "मैं तो ऐसी कोई भी फ़िल्म नहीं देखने वाला जिसमें किसी पाकिस्तानी कलाकार ने काम किया हो."
वहीं @iAdvertite नाम के ट्विटर यूज़र लिखते हैं, "पाकिस्तानी कलाकारों को भारत से निकालने की कोई ज़रूरत नहीं हैं, क्योंकि ये सारे कलाकार तो इस बात की मिसाल हैं कि पाकिस्तान में करने को कुछ बचा ही नहीं और अपनी रोज़ी रोटी कमानी है तो भारत आना पड़ेगा."
गायक अभिजीत ने भी पाकिस्तानी कलाकारों के बहिष्कार का समर्थन करते हुए लिखा , "राष्ट्रविरोधी लोग कई मुद्दों पर असहमत होंगे. लेकिन यहां एक युद्ध की स्थिति है. चलो सब एकट्ठा होकर इन राष्ट्रद्रोही लोगों से लोहा लें."
वहीं जाने-माने फ़िल्म समीक्षक मयंक शेखर लिखते हैं, "जिस दिन हम कला, संस्कृति और राजनीति में फ़र्क करना बंद कर देंगे उस दिन बदले की भावना और नफ़रत के सिवा कुछ नहीं रह जाएगा."
बीबीसी हिंदी के पाठक नवल जोशी लिखते हैं, "राज ठाकरे ने मुंबई की सडकों पर देशवासियों को खुलेआम पिटवाया इसके बाद मुंबई के लोगों ने ही इसे ख़ारिज कर दिया अब भारत पाकिस्तान की बातें कर रहा है! पाकिस्तान कलाकारों के बायकॉट की बात सिर्फ़ गुंडागर्दी है."
राजेश कुमार फ़ेसबुक पर लिखते हैं, "राज ठाकरे आदत से मजबूर हैं. ये महाराष्ट्र को जागीर समझते हैं. इनको देश की इतनी ही चिंता है तो इन्हें बॉर्डर पर भेजो जहां ये अपने जलवे दिखाएं. भगाना है तो ये आतंकियों को भगाएं. पाकिस्तानी कलाकारों को भगाने से क्या होगा."