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मॉरीशस में डोडो की हड्डियाँ मिली | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैज्ञानिकों ने मारीशस में एक कब्र में सदियों पहले लुप्त हो चुके पक्षी डोडो की हड्डियाँ पाई हैं. अच्छी स्थिति में पाई गई ये हड्डियाँ क़रीब 20 डोडो की हैं. इनमें डोडो की चोंच भी शामिल हैं. मॉरीशस और नीदरलैंड्स के वैज्ञानिकों के एक दल ने मॉरीशस के दक्षिण-पूर्वी इलाक़े में एक दलदली इलाक़े में इस नमूने को खोजा है. नीदरलैंड्स के नैचुरल हिस्ट्री म्यूज़ियम के एक बयान में कहा गया है कि इन हड्डियों के आधार पर यह जानने में मदद मिलेगी कि डोडो किस तरह के वातावरण में रहते थे. हड्डियाँ एक स्तर की खुदाई में ही मिली हैं, और इसलिए उम्मीद की जाती है कि आगे और खुदाई करने पर शायद और हड्डियाँ मिलें. डोडो के बारे में वैज्ञानिकों को ज़्यादा मालूम नहीं है. माना जाता है कि उड़ने में अक्षम इस पक्षी की प्रजाति सत्रहवीं सदी में ख़त्म हो गई थी जब मॉरीशस पहुँचे विदेशियों ने इनका जम कर शिकार किया. महत्वपूर्ण खोज इससे पहले डोडो की हड्डियों का पूरा सेट मारीशस में कभी नहीं पाया गया था. ब्रिटेन में ऑक्सफ़ोर्ड के एक संग्रहालय में रखा डोडो के हड्डियों का अंतिम पूर्ण सेट 1755 में एक अग्निकांड में नष्ट हो गया था. अब मॉरीशस में डोडो की हड्डियाँ मिलने से वैज्ञानिकों में बहुत उत्साह है. माना जाता है कि ये हड्डियाँ कम से कम 2,000 साल पुरानी हैं. इनके डीएनए विश्लेषण से काफ़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है. उल्लेखनीय है कि डोडो शब्द पुर्तगाली भाषा के एक शब्द से बना है जिसका मतलब होता है- मूर्ख. दरअसल भारी-भरकम डोडो शिकारियों से न डरते थे और न भागते थे, इसलिए उन्हें ये नाम दिया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें डोडो को 'पुनर्जीवित' करने के प्रयास14 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना लुप्त माना जा रहा पक्षी देखा गया29 अप्रैल, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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