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समुद्र से छोड़ा जाएगा संचार उपग्रह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया का सबसे बड़ा और ताक़तवर व्यावसायिक उपग्रह शनिवार को समुद्र स्थित एक प्रक्षेपण स्थल से छोड़े जाने को तैयार है. ब्रिटेन में निर्मित इस उपग्रह का नाम है इनमारसैट-4 एफ़2. यह तीन उपग्रहों की श्रृंखला में दूसरा उपग्रह है. भूमध्य रेखा के क़रीब समुद्र में स्थित एक लाँचिंग प्लेटफ़ॉर्म से ज़ेनिथ-3एसएल नामक एक शक्तिशाली रॉकेट के सहारे इसे अंतरिक्ष की कक्षा में रवाना किया जाएगा. यह जगह क्रिसमस द्वीप के पास है. इनमारसैट-4 सिरीज़ का पहला उपग्रह मार्च में केप कैनेवरल से रवाना किया गया था जो कि यूरोप, अफ़्रीका, मध्य-पूर्व, एशिया और हिंद महासागर के ज़्यादातर भाग को कवर करता है. शनिवार को छोड़ा जाने वाला दूसरा उपग्रह दक्षिण अमरीका, उत्तर अमरीका, अटलांटिक महासागर के ज़्यादातर भागों के अलावा प्रशांत महासागर के कुछ हिस्से को कवर करेगा. इस सिरीज़ के उपग्रह लंदन स्थित कंपनी इनमारसैट के ग्लोबल ब्रॉडबैंड नेटवर्क को मज़बूत कर सकेंगे. इनकी सहायता से दुनिया के हर कोने में तेज़ गति का ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन और 3जी मोबाइल कनेक्शन पाना संभव होगा. मोबाइल संचार उपकरणों के लिए इस स्तर का ब्रॉडबैंड कनेक्शन अब तक उपलब्ध नहीं था. | इससे जुड़ी ख़बरें क्रॉयसैट लाँच करते ही टूटकर बिखरा09 अक्तूबर, 2005 | विज्ञान ब्रह्मांड में धमाके से वैज्ञानिक उत्साहित12 सितंबर, 2005 | विज्ञान भारत के दो नए उपग्रह अंतरिक्ष में05 मई, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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