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'मंगल उम्मीद से कहीं अधिक सक्रिय ग्रह' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का कहना है कि मंगल ग्रह पर सतह के नीचे बहुत सारी गतिविधियाँ जारी हैं. ताज़ा चित्रों के आधार पर नासा का कहना है कि पहले जितना सोचा जा रहा था उससे कहीं अधिक सक्रिय है मंगल ग्रह. नासा के अंतरिक्ष यान मार्स ग्लोबल सर्वेयर के ताज़ा चित्रों में साफ़ दिखता है कि वहाँ ज्वालामुखी के क्रेटर और गड्ढे बने हुए हैं. नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगल ग्रह के दक्षिणी ध्रुव पर जमे कार्बन डाइ ऑक्साइड का अंबार तीन वर्षों से लगातार कम होता जा रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे मंगल के जलवायु में परिवर्तन का संकेत मिलता है. नासा के माइकल मायर कहते हैं, "मंगल की सतह पर कुछ ही वर्षों के अंतराल में जितने बदलाव दिख रहे हैं उससे यह साफ़ है कि ग्रह बहुत सक्रिय है, हम जितना समझते थे उससे बहुत अधिक." ताज़ा तस्वीरों में पत्थरों के बड़े-बड़े टुकड़े दिखाई दे रहे हैं जो कुछ वर्ष पहले उसी जगह पर खींची गई तस्वीरों में नहीं थे. नासा के एक और वैज्ञानिक माइकल मेलिन का कहना है कि यह इस बात का पहला सबूत है कि मंगल की सतह के नीचे काफ़ी गतिविधियाँ जारी हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगल की सतह पर ज्वालामुखी के विस्फोट और भूकंप जैसे झटके भी आते होंगे. मार्स ग्लोबल सर्वेयर मंगल का 1997 से चक्कर लगा रहा है और वहाँ की तस्वीरें भेज रहा है. वैज्ञानिकों को आशा है कि अगले दस वर्षों तक काम करने वाला यह यान और भी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भविष्य में भेजेगा. |
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