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अमरीकी चुनाव और ईमेल धोखाधड़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईमेल के ज़रिए लोगों को अमरीकी चुनाव के बहाने ठगने का एक नया धंधा चल पड़ा है जिसके बारे में जानकारों ने लोगों को आगाह किया है. बहुत सारे लोगों को एक ईमेल भेज जाती है जिसमें कहा जाता है कि आप अपने पसंदीदा उम्मीदवार जॉन केरी या जॉर्ज बुश के लिए समर्थन व्यक्त करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए नंबर पर फ़ोन करें. दिलचस्प बात ये है कि टेलीफ़ोन प्रीमियम रेट नंबर पर करने को कहा जाता है और व्यक्ति पता तब चलता है जब उसका फ़ोन बिल आता है. ईमेल पर निगरानी रखने वाली कंपनी ब्लैकस्पाइडर का कहना है कि हर रोज़ लगभग ढाई लाख लोगों को ऐसी ईमेल भेजी जा रही है. इससे पहले इसी तरह के जालसाज़ों ने ग्यारह सितंबर के हमलों के बाद लोगों को ठगा था, उनसे कहा गया था कि मारे गए लोगों के रिश्तेदारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करने के लिए एक ख़ास नंबर पर फ़ोन करें. पहली नज़र में यह ईमेल किसी आम ईमेल की तरह दिखाई देती है और अनेक लोग इसके झाँसे में आ सकते हैं लेकिन ब्लैकस्पाइडर का कहना है कि यह सरासर धोखाधड़ी है. उनका कहना है कि कुछ ईमलों का स्रोत चेक गणराज्य है और आगे की पड़ताल जारी है. ईमेल में यह भी कहा गया है कि इस वोट के परिणाम अमरीकी राष्ट्रपति पद के दावेदारों को भेज दिए जाएँगे. इस ईमेल के अंत में छोटे अक्षरों में लिखा गया है कि इस टेलीफ़ोन कॉल के लिए 1.99 डॉलर देने होंगे लेकिन साथ ही कहा गया है कि "एक अच्छे लोकतंत्र के लिए यह क़ीमत कुछ भी नहीं है." क़ानून सवाल ये है कि क्या इस धंधे के पीछे लगे लोग कोई क़ानून तोड़ रहे हैं, अमरीका में इस तरह का कोई क़ानून नहीं है जिसके तहत इन लोगों को दोषी ठहराया जा सके. ब्रिटेन सहित दुनिया के कुछ देशों में लोगों के व्यक्तिगत ईमेल खाते में इस तरह के ईमेल भेजने पर रोक है लेकिन अमरीका में लोगों को ख़ुद तय करना होता है कि वे बड़ी तादाद में लोगों को भेजे जा रहे ईमेल पाना चाहते हैं या नहीं. जानकारों का कहना है कि इस ईमेल से यह पता चलता है कि इसके ज़रिए जालसाज़ी करने वाले किस तरह नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं और हर बड़ी घटना का लाभ उठाने की कोशिश करते हैं. इस तरह की ईमेलों के ख़िलाफ़ अब कई कंपनियों ने मुहिम छेड़ दी है, मिसाल के तौर पर वायग्रा बनाने वाली दवा कंपनी फ़ाइज़र ने ईमेल के ज़रिए दवा बेचने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की धमकी दी है. |
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