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गुरुवार, 30 सितंबर, 2004 को 04:30 GMT तक के समाचार
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रूस में क्योटो समझौते को मंज़ूरी
प्रदूषण से 'ग्रीनहाउस गैसें' बढ़ती हैं
रूस दुनिया का तीसरा सबसे अधिक प्रदूषण फैलाने वाला देश है
रूसी सरकार ने जलवायु परिवर्तन पर क्योटो समझौते को अपनी मंज़ूरी देते हुए इसे स्वीकृति के लिए संसद के पास भेज दिया है.

रूस की समाचार एजेंसी ने यह ख़बर दी है. अभी तक रूस ने इस समझौते पर आपत्ति जताई थी. बिना रूस की मंज़ूरी के यह समझौता प्रभावी नहीं हो सकता.

क्योटो प्रोटोकॉल का मक़सद ग्रीन हाउस गैसों के प्रसार पर रोक लगाना है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्रीन हाउस गैसों के प्रसार के कारण ही धरती का तापमान (ग्लोबल वार्मिंग) बढ़ जाता है.

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने पहले ही बता दिया था कि वे क्योटो समझौते को मंज़ूरी देने के पक्ष में हैं.

लेकिन पुतिन के मुख्य आर्थिक सलाहकार आंद्रेई इलारिनोफ़ ने कहा था कि इस समझौते से देश के आर्थिक विकास पर असर पड़ेगा.

रूसी कैबिनेट के इस फ़ैसले से पर्यावरणवादी राहत की साँस लेंगे. उम्मीद है कि कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद रूसी संसद भी इसे पास कर देगा.

इसके बाद तीन महीने के अंदर यह समझौता प्रभावी हो जाएगा. तीन साल पहले अमरीका के इस समझौते से हट जाने के कारण रूस के रुख़ पर ही इस समझौते का भविष्य निर्भर था.

रुख़

इस साल मई में रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अपने देश के रुख़ को स्पष्ट करते हुए कहा था कि वे चाहते हैं कि यह समझौता प्रभावी हो जाए.

सरकार के कई मंत्रालयों को भी यह निर्देश दे दिया गया था कि वे इस समझौते की मंज़ूरी के लिए तैयार रहें.

लेकिन रूस के कुछ आर्थिक विशेषज्ञों ने इस पर सवाल उठाए थे कि रूस कैसे ग्रीन हाउस गैसों का प्रसार रोक पाएगा जबकि देश में उद्योगों में दोबारा जान फूँकने की कोशिश चल रही है.

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इस मामले पर पुतिन और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के बीच मतभेद उभर आए थे

रूस ने अपने सकल घरेलू उत्पाद को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है. इसी सप्ताह शीर्ष रूसी वैज्ञानिकों ने भी समझौते को मंज़ूरी देने का विरोध किया था.

उनका कहना था कि जलवायु परिवर्तन और ग्रीन हाउस ग्रैसों के प्रसार के बीच संबंध का कोई सबूत नहीं मिला है.

लेकिन लगता है कि इस मामले में निर्णायक भूमिका निभाई राजनीतिक लाभ ने न कि आर्थिक क़ीमत ने.

चर्चा यह है कि यूरोपीय संघ ने विश्व व्यापार संगठन में रूस को शामिल करने का समर्थन इस शर्त पर करने की बात कही थी जब वह क्योटो प्रोटोकॉल को अपनी मंज़ूरी दे दे.

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