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ब्रह्मांड कहीं ज़्यादा पुराना है | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नए अध्ययनों से पता चला है कि ब्रह्मांड अब तक के अनुमानों से कहीं ज़्यादा पुराना है. जर्मन और इतालवी भौतिकविदों ने तारों में होने वाली आणविक प्रतिक्रियाओं की दर को नए सिरे से मापने के बाद यह राय दी है. उनका कहना है कि ब्रह्मांड की आयु 14.7 अरब साल है, न कि 13.7 अरब साल जैसा कि अब तक माना जाता रहा है. एक भूमिगत प्रयोगशाला में किए गए नए अध्ययन में पता चला है कि तारों के भीतर होने वाली आणविक प्रतिक्रिया की दर पहले के अनुमानों से कहीं धीमी है. नई रिपोर्ट फ़िज़िक्स रिव्यू लेटर्स में प्रकाशित हो रही है. विस्तृत अध्ययन इटली के ग्रैन सैसो पहाड़ों के नीचे बनी एक प्रयोगशाला लुना में इटालियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ न्यूक्लियर फ़िज़िक्स और जर्मनी के बोख़म विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने तारों में ऊर्जा पैदा करने वाली आणविक प्रतिक्रियाओं का परीक्षण किया. लुना के समन्वयक डॉ. कार्लो ब्रोगिनी ने कहा, "सतह पर की किसी प्रयोगशाला में ये अध्ययन किया जाता तो शायद अलग परिणाम नहीं आते. हमारी प्रयोगशाला चूंकि पहाड़ों में 1400 मीटर नीचे अवस्थित है, इसलिए ज़्यादा बारीकी से काम हुआ है." वैज्ञानिकों ने तारों को ऊर्जा की सीमित आपूर्ति करने वाले कॉर्बन-नाइट्रोजन-ऑक्सीजन चक्र पर ध्यान केंद्रित किया. अध्ययन में पाया गया कि इस चक्र की गति उसकी आधी भी नहीं है जितना कि पहले माना जाता था. इसका सीधा मतलब ये हुआ कि बड़े तारे उससे कहीं ज़्यादा समय तक अस्तित्व में रहते हैं जैसा कि अब तक अनुमान लगाया जाता रहा है. और तारों की उम्र अनुमान से ज़्यादा होने का एक अर्थ यह हुआ कि ब्रह्मांड की आयु भी कहीं ज़्यादा है, क्योंकि ब्रह्मांड की उम्र सबसे बूढ़े तारे की उम्र के आधार पर ही आँका जाता है. |
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