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कॉन्डोम के चलते बचेंगे पेड़
ब्राज़ील ने अब घरेलू स्तर पर ही कॉन्डोम बनाने का फ़ैसला किया है और इसके लिए लगाई जा रही फ़ैक्टरी रबड़ के पेड़ों को कटने से बचाएगी. ब्राज़ील के शापुरी प्रांत में लगाई जा रही इस फ़ैक्टरी का लक्ष्य वर्ष 2005 तक हर साल लगभग 10 करोड़ और वर्ष 2006 तक हर साल 20 करोड़ कॉन्डोम बनाने का है. ब्राज़ील में कॉन्डोम का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है. वहाँ के एड्स कार्यक्रम के समन्वयक अलेसान्द्रो ग्रांगीरो ने इस बारे में बताया, "ब्राज़ील में एड्स से बचाव के लिए हर साल एक अरब 20 करोड़ कॉन्डोम का इस्तेमाल होता है." उन्होंने बताया, "सरकार अभी 70 करोड़ कॉन्डोम बाँट रही है इसलिए इस फ़ैक्टरी से स्थिति और बेहतर होगी." ब्राज़ील में एचआईवी-एड्स का कार्यक्रम यूँ तो सफल रहा है मगर फिर भी वहाँ ग़रीबों तक कॉन्डोम नहीं पहुँच पा रहा है. ब्राज़ील सरकार के अनुसार नई फ़ैक्टरी के बने कॉन्डोम सस्ते होंगे और इससे शापुरी का विकास भी होगा. पर्यावरण बचाव का पहलू स्थानीय रूप से रबड़ के पेड़ की खेती करने वाले इस ख़बर से काफ़ी ख़ुश हैं. इस फ़ैक्टरी के लगने से रोज़ग़ार के हज़ारों अवसर पैदा होंगे. रबड़ निकालने वालों की राष्ट्रीय परिषद के प्रमुख होज़े मरिया बारबोसा बकीर्नो कहते हैं, "इससे न सिर्फ़ रबड़ की कीमतें कुछ बढ़ेंगी बल्कि साथ ही साथ रबड़ के पेड़ों का कटना भी रुक जाएगा." उनका कहना था कि अब खेती करने के उद्देश्य से पेड़ काटने की ज़रूरत नहीं है अब उन्हें बचाकर भी फ़ायदा कमाया जा सकता है. उम्मीद व्यक्त की जा रही है कि कॉन्डोम बनाने के लिए रबड़ उद्योग के विकास से रबड़ का बाज़ार बढ़ेगा और इसका मतलब होगा कि पेड़ों का कटना रुक जाएगा. |
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