|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्लोन भ्रूण को प्रतिरोपित करने का दावा
अक्सर विवादों में घिरे रहे अमरीका के एक चिकित्सक ने क्लोन किए गए भ्रूण के प्रतिरोपण का दावा किया है. डॉ. पैनोस ज़ावोस ने शनिवार को लंदन में एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की. उन्होंने अपने दावे के संबंध में कुछ ब्योरा तो दिया, लेकिन वह कोई सबूत नहीं पेश कर सके. ज़ावोस ने कहा कि यह बताना अभी जल्दबाज़ी होगी कि क्या प्रतिरोपित भ्रूण गर्भ के रूप में परिवर्तित हो सका. उन्होंने कहा कि एक 35वर्षीय महिला के अविकसित अंडाणु में उसके पति की त्वचा की कोशिका को प्रतिरोपित किया गया है. ज़ावोस ने कहा कि यह प्रयोग हाल ही में हुआ है, लेकिन अमरीका या यूरोप में नहीं. उन्होंने कहा कि प्रतिरोपण की सफलता की संभावना 30 प्रतिशत है. ज़ावोस के अनुसार गर्भाधान हुआ या नहीं, यह जानने में दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं. वैज्ञानिक समुदाय ने उनकी निंदा की है. ब्रिटेन की रॉयल सोसायटी के क्लोनिंग मामलों की समिति अध्यक्ष प्रोफ़ेसर रिचर्ड गार्डनर ने मानव क्लोनिंग के बारे में मौजूद सीमित जानकारी के मद्देनज़र ज़ावोस के प्रयास को ग़ैरज़िम्मेदाराना बताया है. ब्रितानी नेशनल एकेडमी ऑफ़ साइंटिस्ट के बॉब वार्ड ने ज़ावोस के संवाददाता सम्मेलन को एक सर्कस भर बताया. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||