क्या आपको भी समुद्र में उबकाई आती है?

समंदर

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समंदर की लहरों को देखना, उस पर तैरना किसे अच्छा नहीं लगता. बहुत से लोग नाव लेकर निकल जाते हैं, इन लहरों पर जीत हासिल करने के लिए. बहुत से लोग क्रूज़ शिप पर सवार होकर लंबी छुट्टियां बिताने निकल जाते हैं.

समंदर की ये सैर सपनों सरीखी होती है. मगर इसमें एक विलेन है वो है सी-सिकनेस. बहुत से लोगों को समंदर की सैर के दौरान मतली होती है. सिर चकराने लगता है. उल्टियां होने लगती हैं. इससे सैर का सारा मज़ा किरकिरा हो जाता है. पर आप इस जहाज़ी मतली से बच नहीं सकते.

ब्रिटिश कॉमेडियन स्पाइक मिलिगन ने तो कहा था कि समुद्री मतली से बचने का एक ही तरीक़ा है, किसी पेड़ के नीचे बैठिए.

लेकिन, इस परेशानी से बेपरवाह बहुत से लोग, समुद्र की सैर का कार्यक्रम बनाते हैं. कोई अपनी छोटी नाव से जाता है, तो पैसे वाले लोग क्रूज़ शिप पर सवार होकर समुद्र में वक़्त बिताते हैं. जो लोग जहाज़ी मतली या सी-सिकनेस से ज़्यादा परेशान होते हैं, वो ज़मीन पर ही किसी टूर का प्रोग्राम बनाते हैं.

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वैसे ये सी-सिकनेस, असल में चाल की वजह से आने वाला चक्कर है. बहुत से लोगों को कार या बाइक की सवारी से मतली होती है. कुछ लोगों को हवाई जहाज़ के सफ़र में दिक़्क़त होती है. पर राहत की बात ये है कि ये सफ़र जल्दी ख़त्म हो जाते हैं, हवाई जहाज़ का सफ़र कुछ घंटों में ख़त्म हो जाता है. इसी तरह कार को तो जब दिक़्क़त हो तब किनारे लगाकर रुका जा सकता है.

मगर समंदर के सफ़र पर आप निकले हैं तो लंबा वक़्त लहरों पर चढ़ते-उतरते बीतता है. इस चाल फेर के चलते हमें सी-सिकनेस से ज़्यादा परेशानी होती है.

अब सवाल ये है कि ये परेशानी होती क्यों है?

ये इसलिए होती है कि हमारे कान के अंदरूनी हिस्से और दिमाग़ को ये अंदाज़ा नहीं हो पाता कि समतल जगह कौन सी है. शरीर का बैलेंस कैसे बना रह सकता है. चलते वक़्त अगर ये संतुलन नहीं होता है तो हमें मतली आने लगती है. समंदर में लहरों के बीच ये उतार-चढ़ाव ज़्यादा होता है इसलिए ये परेशानी समंदर के सफ़र में ज़्यादा होती है.

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समंदर के सफ़र के तजुर्बेकार लोगों को भी मतली आने की शिकायत होती रही है. ब्रिटिश एडमिरल होराशियो नेल्सन हों, वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन या स्पेनिश खोजी नाविक क्रिस्टोफर कोलंबस, सबने इस परेशानी का सामना किया है.

कहते हैं कि 1588 में जब ब्रिटिश नौसेना का मुक़ाबला स्पेनिश आर्माडा से हुआ था जो स्पेनिश कमांडर मेडीना सिडोनिया, मतली के ही शिकार हो गए थे. स्पेन की हार और ब्रिटिश नौसेना की जीत की ये बड़ी वजह बताई जाती है.

ब्रिटेन की बेथ लियोनार्ड ने इस बारे में एक सर्वे किया था. उनके मुताबिक़ समंदर में जाने वाले तीन चौथाई लोग मतली की शिकायत करते हैं. उन्हें हर सफ़र में ये परेशानी होती है. मगर ज़्यादातर लोग दो-तीन दिन बाद इसके आदी हो जाते हैं. बदले माहौल से वो तालमेल बिठा लेते हैं.

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सी-सिकनेस की शुरुआत, जम्हाई आने से होती है. फिर कई लोगों की लार टपकने लगती है. कुछ को पसीना आने लगता है. कई लोगों को सिरदर्द और थकन होने लगती है. फिर लोगों को चक्कर आने लगते हैं. इसका अंजाम उल्टी होने तक पहुंचता है.

लियोनार्ड के मुताबिक़ समंदर की सैर पर जाने वाले एक तिहाई लोगों को चक्कर आने की शिकायत होती है. एक चौथाई लोग आलस महसूस करते हैं. क़रीब अस्सी फ़ीसद लोगों का सिर घूमने लगता है. आधे लोगों को उल्टी आती है. अगर वक़्त पर इलाज न हुआ तो कई लोगों को बार-बार उल्टियां होती हैं.

तजुर्बेकार लोग सलाह देते हैं कि समंदर के सफर पर निकलने से पहले अपना मेडिकल चेकअप करा लीजिए. डॉक्टर, सी-सिकनेस से बचने के लिए सफर से कुछ दिन पहले शराब पीना बंद करने की सलाह देते हैं. फिर वो ये भी कहते हैं कि भारी, मसालेदार खाना खाने से बचना चाहिए.

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समुद्र में सफर के दौरान मतली आने से बचने के लिए कई तरह की दवाएं भी आती हैं. इन्हें सफर की शुरुआत से पहले भी खाया जाता है. साथ ही कुछ दवाएं, सफर के दौरान परेशानी होने पर भी ली जा सकती हैं.

समुद्री सफर के तजुर्बेकार ब्रिटिश नाविक सेबेस्टियन स्मिथ कहते हैं कि ये सारी परेशानी दिमाग़ी होती है. पहले से दिमाग़ में कोई बात न बैठाएं कि समंदर में जाने पर आपको मतली आएगी ही. और ज़्यादा परेशानी हो तो जाकर अपने केबिन में सो जाएं.

सेबेस्टियन अक्सर अपनी बीवी और बच्चों के साथ समंदर की सैर के लिए निकलते हैं. वो कहते हैं कि उनकी पत्नी और बच्चों को कई बार मतली की शिकायत होती है. मगर जल्द ही वो सब माहौल से तालमेल बिठाकर उसका लुत्फ़ लेते हैं.

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बेहतर होगा कि ऐसे सफर पर जाने से पहले तमाम तैयारी कर लें. आपको समंदर के सफ़र में ज़्यादा मतली आती है तो डॉक्टर से मिलकर दवाएं ले लें. किसी तजुर्बेकार से सलाह लेकर खान-पान में परहेज बरतें. शराब तो सफ़र की शुरुआत से कुछ दिन पहले से ही पीना बंद कर दें.

इन सब सावधानियों की मदद से सी-सिकनेस पर जीत हासिल की जा सकती है. फिर आप लहरों के उतार-चढ़ाव का ज़्यादा अच्छे से मज़ा ले सकेंगे.

(अंग्रेज़ी में मूल लेख पढ़ने के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.com/future/story/20160818-how-do-you-beat-seasickness" platform="highweb"/></link> करें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी फ्यूचर</caption><url href="http://www.bbc.com/future" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.)

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