आपके बैंक को बदल रहा है सोशल मीडिया!

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किसी भी बड़े बैंक के साथ अब अगर अपना अकाउंट खोलना है तो टेक्नोलॉजी की भूमिका अहम हो गई है.
अब बैंक नए ग्राहकों से फोटो नहीं मांगते बल्कि सेल्फी से ही काम चल जाता है. फेसबुक और ट्विटर की मदद से भी अब कई तरह के बैंकिंग ट्रांज़ेक्शन किये जा सकते हैं.
फ़ेडरल बैंक ने एक ऐप लॉन्च किया है जिसे डाउनलोड करके बस सेल्फी लीजिए, अपने आधार कार्ड को स्कैन कीजिये और सेविंग अकाउंट तुरंत खुल जाएगा. फॉर्म भरने का चक्कर ही ख़त्म.
फेसबुक पर यदि आपकी प्रोफाइल है तो आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और दूसरे बैंक भी आपको पैसे ट्रांसफर करने की इजाज़त देते हैं.
आपके दोस्तों को पैसे ट्रांसफर करने हैं तो इससे बढ़िया क्या होगा कि वो आपके फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में हों और उनके बारे में बहुत ज़्यादा जानकारी बैंक को पता ना करनी पड़े.

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एक कूपन कोड अपने अकाउंट से जेनरेट कीजिये और अपने दोस्त को भेज दीजिए. उसके अकाउंट में तुरंत पैसे पहुंच जाएंगे. हां, इसके लिए स्मार्टफोन या टेबलेट पर बैंक के ऐप की ज़रूरत होगी.
ट्विटर का इस्तेमाल भी इसी तरह पैसों के लेन-देन के लिए किया जा सकता है.
ट्विटर के ज़रिये पैसे लेने और देने के लिए टू फैक्टर ट्रांक्ज़ैक्शन काम आता है. इसमें सर्विस इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर एक कोड भेजा जाता है. इस कोड को वेबसाइट पर इस्तेमाल करना पड़ता है. उस कोड के बिना ट्रांक्ज़ैक्शन पूरा नहीं होता है.
ट्विटर इस्तेमाल करने वाले को उसके अकाउंट पर एक डायरेक्ट मैसेज भी भेजा जाता है ताकि उसे ट्रांक्जैक्शन के बारे में पूरी जानकारी हो.
करीब साल भर पुरानी इस <link type="page"><caption> रिपोर्ट</caption><url href="(http://www.firstpost.com/business/hashtag-banking-next-big-thing-india-2125161.html)" platform="highweb"/></link> के अनुसार, देश में करीब 12 करोड़ लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं. इसमें से 10 करोड़ इसका इस्तेमाल अपने स्मार्टफोन पर करते हैं.
पिछले एक साल में ये संख्या और तेज़ी से बढ़ी है क्योंकि सस्ते स्मार्टफोन बाजार में तेज़ी से बिक रहे हैं. देश में अब फेसबुक के 15 करोड़ से भी ज़्यादा इस्तेमाल करने वाले हैं.

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ये सभी जानते हैं कि युवाओं में फेसबुक काफी पसंद किया जाता है और वो काफी समय स्मार्टफोन के साथ बिताते हैं.
ICICI बैंक का दावा है कि जब से सोशल मीडिया के ज़रिए पेमेंट की सुविधा शुरू की गई है, एक भी धोखाधड़ी का मामला सामने नहीं आया है.
कंपनियां फेसबुक और ट्विटर पर इसीलिए भरोसा कर सकती हैं क्योंकि इन पर आपके बारे में जानकारी होती है और अक्सर आपकी तस्वीरें भी होती हैं जो इस बात की पुष्टि करती हैं कि वो अकाउंट आपका ही है. इससे बैंक को आपके बारे में जानकारी इकठ्ठा करने की मेहनत नहीं करनी पड़ती है.

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बैंकों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करने का फायदा ये है कि वो ग्राहकों की बातों पर नज़र रख सकते हैं. सोशल मीडिया पर कई ऐसे सॉफ्टवेयर होते हैं जिससे लोगों की शिकायतों और ज़रूरतों को समझने में मदद मिलती है.
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