क़ुदरत से दोस्ती है गोश्त खाना?

मोसली, गाय
    • Author, डॉक्टर माइकल मोसली
    • पदनाम, बीबीसी हराइजन

हर साल हम 65 अरब जानवरों को मारकर खाते हैं. इस हिसाब से दुनिया भर में प्रति व्यक्ति नौ जानवरों को मार कर खाया जाता है.

इसका पर्यावरण पर बहुत गहरा असर पड़ता है. अगर हम इको फ्रेंडली होना चाहते हैं तो क्या हमें मासांहारी होना चाहिए?

इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने मैं दुनिया में सबसे ज़्यादा मांस खाने वाले देश अमरीका गया.

वहां मैंने चरवाहों को आज से 150 साल पहले की तरह ही परंपरागत तरीक़े से मवेशियों को चराते हुए पाया. मैं मीथेन गैस की जांच करने वाले लेज़र उपकरण के साथ मवेशियों के झुंड के पास गया और पाया कि बड़े पैमाने पर ये मवेशी मीथेन गैस का उत्सर्जन कर रहे हैं.

ग्रीनहाउस गैस प्रभाव

गाय

इमेज स्रोत, spl

सिर्फ़ एक गाय एक दिन में 500 लीटर तक मीथेन उत्सर्जित कर सकती है.

अगर इसे हम इस धरती पर रह रहे डेढ़ अरब मवेशियों के अनुपात में देखे तो इसकी विशाल मात्रा होगी और पर्यावरण पर पड़ने वाला इसका प्रभाव बेहद नुकसानदायक होगा क्योंकि मीथेन कार्बन डाइ ऑक्साइड से 25 गुणा ज़्यादा नुक़सानदायक़ ग्रीनहाउस गैस है.

इस समस्या की वजह गाय का घास खाना है. भला हो उनके पेट में रहने वाले सूक्षम जीवाणुओं का जिनकी वजह से घास में पाए जाने वाले सेलुलोज पच जाते हैं लेकिन ऐसा करते हुए भी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मीथेन गैस पैदा होती है.

टेक्सास में मैंने देखा कि घास की जगह मक्का, वसा, हार्मोन और एंटीबॉयटीक का मिश्रण मवेशियों को खिलाया जा रहा है. इस तरह के खाने से गाय का वज़न बिना अधिक मीथेन गैस पैदा किए तेज़ी से बढ़ता है.

प्रतिदिन मांस का सेवन

मांस

इमेज स्रोत, BBC World Service

अध्ययन से पता चलता है कि इस तरह से पैदा होने वाले गाय के मांस से 40 फ़ीसदी कम मीथेन का उत्सर्जन होता है.

वहीं गाय के एक किलो मांस के उत्पादन में 16 किलो कार्बन डाइ ऑक्साइड पैदा होता है जबकि भेड़ के एक किलो मांस में 13 किलो.

इससे आधा लगभग सुअर में और चिकन के एक किलों में सिर्फ 4.4 किलो कार्बन डाइ ऑक्साइड पैदा होता है.

अगर आम वाकई में इको फ्रेंडली मांसाहारी होना चाहते हैं तो आपको प्रतिदिन 100 ग्राम से कम मांस खाना चाहिए जो अभी की तुलना में आधा है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>