गूगल ग्लास ख़रीदना हो तो..!

गूगल ग्लास

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इमेज कैप्शन, गूगल ग्लास खरीदने वालों को गूगल ने 'एक्सप्लोरर्स' नाम दिया है.

गूगल ने घोषणा की है कि उसका अत्याधुनिक चश्मा '<link type="page"><caption> गूगल ग्लास</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/12/131218_goolge_glass_wink_ra.shtml" platform="highweb"/></link>' 15 अप्रैल को महज एक दिन के लिए बाज़ार में उपलब्ध रहेगा.

इसे केवल वही लोग ख़रीद सकेंगे जिनकी उम्र अट्ठारह साल या उससे अधिक होगी. ख़रीदारों को इसे पाने के लिए पहले <link type="page"><caption> एक ऑनलाइन फॉर्म</caption><url href="http://www.google.com/glass/start/how-to-get-one/" platform="highweb"/></link> भरना होगा जिससे उनकी पात्रता जांची जाएगी. गूगल ग्लास 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर मिलेगा.

इसकी कीमत डेढ़ हज़ार अमरीकी डॉलर यानी लगभग 90 हज़ार रुपए रखी गई है. संभावना जताई जा रही है कि ब्रिटेन में <link type="page"><caption> यह चश्मा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/03/140228_google_glass_payment_ap.shtml" platform="highweb"/></link> मई में उपलब्ध हो सकेगा.

इसकी ऊँची क़ीमत की वजह से बहुत से लोग इससे क़तरा सकते हैं और उन्हें इसकी कीमत घटने तक का इंतज़ार करना पड़ सकता है.

अपने एक कार्यक्रम के तहत <link type="page"><caption> गूगल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/01/140114_google_nestlabs_ra.shtml" platform="highweb"/></link> ने 2013 में आठ हज़ार लोगों को इसे बेचा था. गूगल अब इसके परीक्षण के लिए इसे और लोगों को बेचने जा रहा है. ऐसी उम्मीद की जा रही है की कंपनी जल्द ही अब इसे आधिकारिक तौर पर बाज़ार में उतारने की तैयारी में है.

'प्रयोग'

एक अनुमान के मुताबिक़ ब्रिटेन के डेवलपर्स को मई या जून में इसे बनाने के अधिकार मिल जाएंगे. अमरीका के बाद ब्रिटेन गूगल ग्लास को बनाने वाला पहला देश होगा.

गूगल ग्लास को बनाने वाले दल का कहना है, "हम इसे प्रयोग करने वालों से मिलने के लिए बहुत उत्सुक हैं. हम इसके बारे में उनके विचार जानने का इंतज़ार नहीं कर पा रहे हैं."

<link type="page"><caption> स्टफ डॉट टीवी</caption><url href="http://www.stuff.tv/" platform="highweb"/></link> के उपसंपादक स्टीवन ग्रेव्स ने बीबीसी को बताया, "मुझे लगता है कि इसकी क़ीमत अधिक है लेकिन ज़रूरी नहीं की भविष्य में भी इसकी यही क़ीमत रहे."

<link type="page"><caption> ट्रस्टेडरिव्यूज़</caption><url href="http://www.trustedreviews.com/" platform="highweb"/></link> के संपादक इवान केप्रियस कहते हैं," यह वैसा ही है जैसे शुरुआती दौर में मोबाइल आया था. 80 के दशक में यह बहुत ही कम लोगों के पास था, वह बहुत बड़ा और महंगा था. तीस साल बाद अब इसे बहुत से लोग प्रयोग करते हैं और अब बाज़ार में उपलब्ध स्मार्टफोन एक कंप्यूटर की तरह ही काम कर सकते हैं.

ये चश्मा न सिर्फ अपने पहनने वाले के नज़रिए से तस्वीरें खींचेगा बल्कि स्मार्टफोनकी तरह उन तस्वीरों और वीडियो पर कई तरह के तकनीकी काम भी किए जा सकेंगे.

इतना ही नहीं इसका इस्तेमाल ईमेल भेजने और सोशल नेटवर्किंग के लिए भी किया जा सकता है. इसमें मौजूद वॉयस कमांड और रिकॉर्डिंग की सुविधा के ज़रिए इस उपकरण को नियंत्रित किया जा सकेगा.

इस यंत्र में स्काइप वीडियो चैट के अलावा मौसम की जानकारी और नक्शों के ज़रिए रास्ता बताने की सुविधा भी होगी.

ये सारी जानकारी एक साफ-सुथरे और पारदर्शी चौकोर से बने बॉक्स में 'हेडगियर' के दाहिने हिस्से के उपरी भाग में दिखाई देगा.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>