'सैचुरेटेड फैट' के सेवन से नहीं होता हृदय रोग

ब्रिटेन के एक हृदयरोग विशेषज्ञ ने सैचुरेटेड फैट को लेकर आमतौर पर दी जाने वाली सलाह से अलग राय दी है.
डॉ. असीम मल्होत्रा का कहना है कि इससे जुड़े जोख़िम को बढ़ाचढ़ा कर पेश किया गया है, जबकि चीनी का सेवन करने जैसे दूसरे कारकों को नजरअंदाज़ किया गया है.
उन्होंने ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अपने लेख में कहा है, "अब समय आ गया है कि हम हृदय रोग को लेकर सैचुरेटेड फैट की भूमिका के बारे मे मिथक को खत्म करें."
दूसरी ओर ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन ने कहा है कि दवाओं या दूसरे तरीकों से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में कमी करके हृदय रोगों का जोख़िम कम होता है.
खानपान और रोगों के बीच संबंधों को लेकर हुए अध्ययन के आधार पर इस बात की सलाह दी जाती है कि स्वस्थ जीवन के लिए सैचुरेटेड फैट की कितनी मात्रा लेनी चाहिए.
वैज्ञानिक प्रमाण
ब्रिटेन में लाखों लोगों को कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने के लिए स्टैटिन लेने की सलाह दी जाती है.
लंदन स्थित क्रायडन यूनीवर्सिटी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी रजिस्ट्रार डॉ. मल्होत्रा ने बताया कि, "<link type="page"><caption> हृदय रोगों के जोख़िमों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2011/04/110405_heart_work_ra.shtml" platform="highweb"/></link> को रोकने के लिए करीब चार दशक से सैचुरेटेड फैट को कम करने की सलाह दी जाती रही है."
उन्होंने कहा कि सैचुरेटेड फैट को दोषी ठहरा दिया गया है लेकिन वैज्ञानिक प्रमाणों से इसका हृदय रोगों के साथ पूरी तरह संबंध स्थापित नहीं होता है.
उन्होंने कहा कि खाद्य उद्योग ने सैचुरेटेड फैट को कम करके उसकी जगह चीनी के इस्तेमाल को बढ़ाया है, जबकि चीनी खुद हृदय रोगों के लिए ज़िम्मेदार है.

डॉ. मल्होत्रा ने लिखा है कि स्टैटिन की जगह जैतून का तेल, बादाम, तैलीय मछली, फलों और सब्जियों के साथ रेड वाइन की थोड़ी मात्रा जैसे मेडिटेरेनियन खानपान को अपनाकर <link type="page"><caption> हृदय रोगों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/04/130416_blood_pressure_beetroot_aa.shtml" platform="highweb"/></link> की आशंका की काफी हद तक कम किया जा सकता है.
स्टैटिन का असर
हालांकि ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के प्रोफेसर पीटर वेइसबर्ग ने कहा है कि खानपान और बीमारियों के बीच संबंधों को लेकर होने पर अध्ययनों के दौरान अक्सर विरोधाभासी नतीजे समाने आते हैं.
उन्होंने कहा कि दवाओं के परीक्षण के विपरीत एक नियंत्रित और बेतरतीब अध्ययन करना मुश्किल होता है.
उन्होंने बताया, "हालांकि अत्यधिक कोलेस्ट्राल स्तर वाले लोगों को हार्ट अटैक की आशंका अधिक होता है और यह भी साफ़ है कि कोलेस्ट्राल को कम करने का मतलब है जोख़िम को कम करना."
उन्होंने बताया कि <link type="page"><caption> कोलेस्ट्राल का स्तर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/10/131002_exercise_pills_heart_diseases_pk.shtml" platform="highweb"/></link> कई बातों के प्रभावित होता है. इसमें खानपान, कसरत और दवाओं का इस्तेमाल शामिल है.
उन्होंने कहा कि इस बात के भी स्पष्ट सबूत हैं कि स्टैटिन से लोगों को फ़ायदा मिला है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












