डायटिंग नहीं, नींद घटाएगी मोटापा

- Author, डॉक्टर नील स्टैनली
- पदनाम, नींद विशेषज्ञ
मोटापा कम करने के लिए दुनिया भर के लोग डायटिंग और कसरत पर ध्यान देते हैं लेकिन वे रात की नींद पर ध्यान नहीं देते. जानकारों के मुताबिक़ रात में अच्छी नींद लेना काफ़ी ज़रूरी है.
ब्रिटेन में मोटापा एक समस्या है और यहां लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए तमाम अभियान चल रहे हैं. कोशिश हो रही है कि लोग अपना भोजन नियंत्रित करें और जमकर वर्कआउट करें.
मगर हाल में आई रिपोर्ट से पता चलता है कि इन तमाम कोशिशों का मोटापा कम करने पर कोई खास असर नहीं पड़ रहा है.
कई अध्ययनों से पता चलता है कि बच्चों और वयस्कों दोनों में कम नींद और अधिक वज़न या मोटापे का गहरा संबंध है.
यह केवल महज़ संयोग नहीं कि पिछले 40 साल में एक तरफ हमारी नींद की अवधि घटी है, तो दूसरी तरफ मोटापे की समस्या बढ़ती गई है.
फंक्शनल मैगनेटिक रेज़ोनैंस इमेजिंग (एफएमआरआई) के इस्तेमाल से पता चला है कि ख़राब नींद के कारण जटिल समस्याओं का समाधान करने वाले दिमाग़ के हिस्से पर असर पड़ता है और लोग अस्वस्थ भोजन की ओर आकर्षित होते हैं.
बढ़ जाती है भूख

ख़राब नींद के कारण भूख महसूस कराने वाले हार्मोन के स्तर में भी बदलाव होता है.
इससे लेप्टिन (यह पेट भरने और खाने की मात्रा को नियंत्रित करता है) के स्तर में कमी और ग्रेलिन (भूख, चर्बी और मोटापे को बढ़ावा देते हैं) का स्तर बढ़ जाता है.
शोधकर्ताओं का कहना है कि इस कारण भूख में 24 फीसदी, खाने की इच्छा में 23 फीसदी और मोटे होने की इच्छा में 33 फीसदी की वृद्धि हो जाती है.
ऐसे में कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन करने से इंसान को लगता है कि उन्होंने ज़रूरी भोजन कर लिया है. इस तरह से इंसान को ज़्यादा खाना खाने के लिए प्रोत्साहन मिलता है.
कम नींद के कारण भी इंसान खाना खाने के बाद हर समय कुछ खाने की मांग करता है. इस तरह वह ज्यादा जंक फूड खाने लगता है और इस तरह वह पर्याप्त मात्रा में सब्जियां नहीं खा पाता.
हालांकि सीधी बात यह है कि जब आप कम सोते हैं तो आपकी इच्छा जंक फूड खाने की होती है, लेकिन जब आपने भरपूर नींद ली है तो आपकी इच्छा सेब या केक खाने की होगी और इसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ेगा.
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