बोइंग ने लड़ाकू विमान को बनाया ड्रोन

- Author, लियो केलाइन
- पदनाम, टेक्नोलॉजी संवाददाता, बीबीसी
बोइंग अपने पुराने बन चुके फ़ाइटर विमानों को ड्रोन विमान मे तब्दील कर रही है.
बोइंग ने कहा है कि उसने पिछले हफ़्ते लॉकहीड मार्टिन एफ़-16 को ड्रोन विमान के तौर पर तब्दील किया है.
फ्लोरिडा बेस से मैक्सिको की खाड़ी तक उड़ान भरने वाले ख़ाली कॉकपिट वाले इस विमान का नियंत्रण अमरीकी वायु सेना के दो पायलट ज़मीन से कर रहे थे.
बोइंग के इस नए प्रयोग से माना जा रहा है कि पायलटों को प्रशिक्षण देने में काफ़ी मदद मिल सकती है, उन्हें ऐसा विरोधी मिलेगा जिस पर गोली चलाकर वो अभ्यास कर सकें.
यह विमान एरिज़ोना साइट पर 15 साल से था. इसने ड्रोन विमान वाले प्रयोग के दौरान क़रीब 40 हज़ार फ़ीट की ऊंचाई पर उड़ान भरी. विमान की गति 1800 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई.
इतना ही नहीं विमान ने हवा के कई करतब दिखाए. जिसमें बैरल रोल मूव और स्प्लिट एस सहित युद्धाभ्यास के दूसरे करतब शामिल थे. इन तकनीकों का इस्तेमाल युद्ध के दौरान किया जाता है.
'शानदार उड़ान'
हालांकि इस दौरान फ़ाइटर-16 के ठीक पीछे दो अन्य विमानों को भी लगाया गया ताकि उस पर नज़र रखी जा सके और ऐसे उपकरण भी विमान में रखे गए थे जिनकी मदद से ज़रूरत पड़ने पर विमान ख़ुद को नष्ट कर सकता था.
बोइंग के दावों के मुताबिक़ ये विमान 7-जी तक रफ़्तार में परिवर्तन कर सकता है और इसे 9-जी तक बढ़ाया जा सकता है.

9-जी तक रफ़्तार में परिवर्तन के दौरान अगर कोई पायलट विमान में मौजूद हो तो उसे दिक्कतें हो सकती हैं.
इस प्रोजेक्ट के चीफ़ इंजीनियर पॉल सेजास ने कहा, "इसने शानदार तरीक़े से उड़ान भरी. सब कुछ एकदम दुरुस्त रहा और इसकी लैंडिंग भी शानदार रही. इससे पहले मैंने ऐसी लैंडिंग नहीं देखी."
अमरीकी वायुसेना के 82वीं एरियल टारगेट स्क्वाड्रन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल रेयान इनमैन ने भी इस प्रयोग की काफ़ी प्रशंसा की.
उन्होंने कहा, "बिना किसी पायलट के इसे उड़ते हुए देखना एक अलग अनुभव था, लेकिन यह कुल मिलाकर एक शानदार उड़ान थी."
बोइंग ने कहा है कि उसके पास कुल छह संशोधित एफ़-16 विमान हैं जिन्हें अब नया नाम क्यू एफ़-16 दिया गया है और इसका इस्तेमाल अमरीकी सेना अपनी योजना के मुताबिक़ड्रोन विमान के तौर पर करनाचाहती है.
हालांकि स्टॉप किलर रोबोट्स अभियान के प्रवक्ता प्रोफ़ेसर नोएल शार्के ने कहा, "मैं काफ़ी चिंतित हूं क्योंकि इसका इस्तेमाल ज़मीन पर रहने वाले लोगों को निशाना बनाने के लिए हो सकता है."
शार्के के मुताबिक़ इस विमान की तेज़ गति के चलते निशाना पहचानने में ग़लती हो सकती है.
शार्के ने कहा, "इस बात पर यक़ीन करने की हर मुमकिन वजह है कि ये 'कथित लक्ष्य' ड्रोन हमलों के लिए प्रयोग की जगह बन सकते हैं."
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