मंगल पर बसने लिए एक लाख आवेदन

मंगल ग्रह पर जाने के लिए एक लाख से अधिक लोगों ने आवेदन किया है. साल 2022 में प्रस्तावित मंगल ग्रह की इस परियोजना का उद्देश्य वहाँ कॉलोनी बसाना है.
यह यात्रा केवल वहाँ जाने के लिए है, वापस आने के लिए नहीं.
हालांकि यह सवाल अब भी अनुत्तरित है कि मंगल पर जीवन संभव कैसे होगा, इसके बाद भी लोग मार्स वन प्रोजेक्ट पर दस्तखत कर रहे हैं.
लोगों को इस यात्रा पर ले जाएगी, मार्स वन नाम की एक कंपनी.
आवेदन शुल्क
कंपनीके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और सह संस्थापक बास लैंसड्राप कहते हैं, ''ऐसे लोगों की संख्या भी अधिक है, जो अब भी अपने प्रोफ़ाइल पर काम कर रहे हैं. या तो उन्होंने आवेदन शुल्क का भुगतान न करने का फैसला किया है या अभी भी अपना वीडियो बना रहे हैं या प्रश्नावली को भर रहे हैं या अपने रेज्यूमे पर काम कर रहे हैं. इसलिए आप जिन लोगों को ऑनलाइन देख रहे हैं, वे केवल वे लोग हैं जिन्होंने अपना काम पूरा कर लिया है और जिन्होंने अपना प्रोफ़ाइल सार्वजनिक कर दिया है.''
हालांकि लैंसड्राप ने यह नहीं बताया कि कितने लोगों ने फीस का भुगतान किया है, कितने लोगो ने अपना प्रोफ़ाइल बनाया है और कितने लोगों ने अपनी निजता बनाए रखी है.
मंगल ग्रह पर जाने के लिए उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए. लेकिन इसकी फीस आवेदक की राष्ट्रीयता पर निर्भर करती है, जैसे अमरीकी नागरिकों के लिए आवेदन शुल्क 38 डॉलर है.
कंपनी का कहना है कि आवेदन के लिए फ़ीस देशों की प्रति व्यक्ति आय के आधार पर तय की गई है. लैंसड्राप ने कहा,''हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग इसके बारे में सोचें और कम से कम लोग इसे वहन करें.''
वो बताते हैं, ''जहाँ तक पहले दल की बात है, तो इस पर छह अरब डॉलर का खर्च आएगा.''
उन्होंने कहा कि इस परियोजना का वित्तपोषण प्रायोजकों ने किया है. मीडिया को अंतरिक्ष यात्रियों के प्रृथ्वी पर प्रशिक्षण से लेकर उनकी तैनाती और मंगल पर कॉलोनी बसाने आदि के प्रसारण के अधिकार के लिए भुगतान करना होगा.
मार्स वन ने कहा है कि इस साल वह आवेदकों में अलग-अलग महाद्वीपों के 40 सदस्सीय अंतरिक्ष यात्रियों को चुनेगा. इनमें से दो महिला और दो पुरुष 2022 में मंगल पर जाने के लिए तैयार है. ये लोग 2023 में मंगल पर क़दम रखेंगे. चार लोगों को एक दूसरा समूह दो साल बाद जाएगा.
वापसी नहीं होगी
मंगल पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को आठ साल का प्रशिक्षण लेने की जरूरत होगी. इस दौरान वे घर की मरम्मत करना, सीमित जगह में सब्जियाँ उगाना, दाँत दर्द, मांसपेशियों के दर्द और हड्डियों के टूटने का इलाज करना सीखेंगे.
लैंसड्राप ने कहा कि प्रोजेक्ट के तहत हर उतरने वाला मंगल पर 5511 पौंड का भार उठाने में सक्षम होगा.
अंतरिक्ष यात्रा के ख़तरों के बावजदू मार्स वन के संस्थापक को इस परियोजना की व्यवहार्यता को लेकर आश्वस्त है.
हालांकि अंतरिक्ष यात्रा के कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि मंगल के लिए मानव मिशन के बहुत अधिक ख़तरे हैं, क्योंकि इतनी अधिक दूरी की यात्रा इंसान ने अभी तक नहीं की है.
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