क्या चॉकलेट खाने से होते हैं मुंहासे?

बच्चों को <link type="page"><caption> चॉकलेट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/03/130325_sugar_addiction_rd.shtml" platform="highweb"/></link> खाने से मना करने का एक आसान तरीका उन्हें यह बोलना है कि अगर वे चॉकलेट खाते हैं तो उनके चेहरे पर मुंहासे हो जाएंगे. लेकिन क्या यह वास्तव में सच है?
चॉकलेट और चेहरे के दाग-धब्बों तथा मुंहासे के बीच क्या संबंध है, यह वैज्ञानिक बहस का मुद्दा बना हुआ है.
वैसे <link type="page"><caption> त्वचा संबंधी रोग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2012/12/121227_rekha_snickers_ad_ks.shtml" platform="highweb"/></link> मसलन मुंहासे या दाग धब्बों के फैलने की कई अन्य वजहें भी बताई जाती हैं जिनमें पारिवारिक पृष्ठभूमि, उम्र और संभवतः मानसिक तनाव भी शामिल है.
1960 के दशक तक वैज्ञानिकों में यह धारणा बनी रही कि <link type="page"><caption> चॉकलेट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/03/130318_shopping_malls_adg.shtml" platform="highweb"/></link> की वजह से चेहरे की त्वचा से जुड़ी यह दिक्कत और बढ़ जाती है.
40 और 50 के दशक की कई मशहूर किताबों में मुंहासे के इलाज के लिए मीठे खाद्य और पेय पदार्थ जिसमें चॉकलेट भी शामिल है, को न खाने की सलाह दी गई.
असर नहीं
हालांकि 1969 में जी ई फुल्टॉन और उनके सहयोगी जी प्लेविग और ए एम क्लिंगमैन द्वारा किए गए एक प्रभावी शोध में चॉकलेट और मुंहासे में किसी भी तरह का कोई संबंध होने की <link type="page"><caption> संभावना</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/11/121118_chocolate_nobel_prize_aa.shtml" platform="highweb"/></link> को खारिज करने की कोशिश की गई.
शोधकर्ताओं ने कम और ज्यादा मुंहासे वाले 65 लोगों को दो समूह में बांटा. इसमें से एक समूह को चॉकलेट दी गई जिसमें सामान्य से 10 गुना ज्यादा मात्रा में कोकोआ था.
दूसरे समूह को बिना अतिरिक्त कोकोआ वाला खाद्य पदार्थ दिया. शोधकर्ताओं ने साप्ताहिक जांच में यह पाया कि चॉकलेट का मुंहासे के बढ़ने में कोई प्रभाव नहीं था.
इस शोध का बड़ा असर देखा गया. लेकिन हाल ही में इस शोध की आलोचना की गई है.
मानोआ के हवाई विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर एमी ब्राउन का कहना है, “इस शोध में अमरीका के चॉकलेट निर्माता संगठन की भूमिका भी थी. इस शोध की प्रणाली में भी कई खामियां हैं.”
वर्ष 1971 में एंडरसन और उनके सहयोगियों ने भी कुछ ऐसा ही शोध किया लेकिन वे चॉकलेट खाने से मुंहासे में बढ़ोतरी जैसे लक्षण पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाल पाए.
शोध में खामी

हाल में शोध करने वाली यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी मिलर स्कूल ऑफ मेडिसिन की छात्रा सामंता ब्लॉक ने यह महसूस किया कि फुल्टन और एंडरसन के शोध में एक बड़ी खामी यह थी कि उन्होंने जिन चॉकलेटों का इस्तेमाल किया था वह शुद्ध नहीं था.
उन्होंने अपने शोध में लोगों को विभिन्न मात्रा में (340 ग्राम तक) चॉकलेट खाने के लिए दिया. उन्होंने यह देखा कि जिन लोगों ने जितनी मात्रा में चॉकलेट खाया था, उसी हिसाब से उनके चेहरे पर मुंहासे में भी तेजी देखी गई.
ब्लॉक का कहना है, “18 से 35 साल की उम्र के पुरुषों जिन्हें पहले मुंहासा रहा है उनके चॉकलेट खाने से उसमें और तेजी देखी गई.”
अब वह महिलाओं पर भी अपने शोध के निष्कर्षों को आजमाने वाली हैं.
हाल में एकेडमी ऑफ न्यूट्रिशन ऐंड डायटेटिक्स के जर्नल में प्रकाशित समीक्षा पत्र ने मुंहासे और भोजन न कि केवल चॉकलेट के बीच संबंधों को पड़ताल करने वाले शोधों का परीक्षण किया है.
आहार भी अहम
इसकी लेखक जेनिफर बुरिस का कहना है, “पहले के शोध में सिर्फ चॉकलेट और मुंहासे के बीच के संबंध पर जोर देकर निष्कर्ष निकाला गया इसकी वजह से लोगों ने यह समझा कि मुंहासे और भोजन का कोई ताल्लुक नहीं है.”
वह और उनके सहयोगियों ने अपने शोध में यह निष्कर्ष निकाला है कि भोजन और मुंहासे के बीच संबंध है हालांकि वे अभी इसके पुख्ता असर के बारे में नहीं बता सकते है.
शोधकर्ता इस बात से आश्वस्त नहीं हैं कि डेयरी उत्पाद या खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाते हैं या नहीं.
निश्चित तौर पर विज्ञान अभी यह साबित नहीं कर पाया है कि शुद्ध या मिलावटी रूप में भी चॉकलेट मुंहासे का कारण बनता है या नहीं.












