'...तो मुमकिन है एचआईवी का इलाज'

फ्रांस के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि <link type="page"> <caption> एचआईवी संक्रमण</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130314_international_others_aids_da.shtml" platform="highweb"/> </link> का शुरूआत में ही पता चलने के बाद गहन इलाज से इस पर काबू पाया जा सकता है लेकिन ये लगभग दस फीसदी मामलों में ही कारगर है.
अनुसंधानकर्ता ऐसे 14 लोगों पर अध्ययन कर रहे हैं जिन्होंने इलाज बंद कर दिया था लेकिन उनमें विषाणुओं के फिर से सक्रिय होने के लक्षण नहीं दिखे. इससे पहले भी अमरीका में एक बच्ची के शुरुआती <link type="page"> <caption> इलाज</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/02/130216_condom_hiv_aa.shtml" platform="highweb"/> </link> के बाद ही पूरी तरह ठीक होने की रिपोर्ट आई थी.
हालांकि अधिकांश मामलों में एचआईवी संक्रमण का तब तक पता नहीं चलता है जब तक कि वो विषाणु पूरी तरह शरीर को अपनी चपेट में नहीं ले लेता है.
अनुसंधानकर्ताओं ने मरीजों के इस दल को 'विस्कॉंटी कोहर्ट' नाम दिया है. इन मरीजों ने <link type="page"> <caption> संक्रमित होने</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/09/120925_international_europe_faithleadeaders_sa.shtml" platform="highweb"/> </link> के दस सप्ताह के भीतर ही इलाज शुरू कर दिया था. उन्होंने औसतन तीन साल तक एंटीरेट्रोवाइरल ड्रग्स लेने के बाद दवा लेनी बंद कर दी थी.
एचआईवी का खात्मा
दरअसल दवाएं विषाणुओं के प्रसार को तो रोक सकती हैं लेकिन वे प्रतिरोधक प्रणाली में छिपकर बैठे इस <link type="page"> <caption> दुश्मन का खात्मा</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/07/120726_hiv_cure_as.shtml" platform="highweb"/> </link> नहीं कर सकती हैं.
अक्सर ऐसा होता है कि जब मरीज़ दवा लेना बंद करता है तो ये विषाणु फिर से हमला बोल देता है.
लेकिन 'विस्कॉंटी कोहर्ट' मरीजों में ऐसा नहीं हुआ. इनमें से कुछ तो एचआईवी के स्तर को एक दशक तक नियंत्रित करने में सफल रहे.
पेरिस स्थित इंस्टीट्यूट पाश्चर के डॉक्टर एशियर सॉएज सिरियन के मुताबिक, “अध्ययन कहता है कि एक सा इलाज करवाने वाले अधिकांश मरीज संक्रमण को काबू करने में नाकाम रहेंगे लेकिन उनमें से कुछफिर भी इसमें सफल रहेंगे.”
केवल कुछ मामलों में कारगर
उनके मुताबिक एचआईवी का संक्रमण लिए 5 से 15 प्रतिशत मरीज संक्रमण से मुक्त हो सकते हैं जिसका मतलब है कि उन्हें आगे दवाएं लेने की ज़रूरत नहीं है. उन्होंने कहा, “एचआईवी अब भी उनमें सक्रिय है. इसे आप एक तरह से एचआईवी का आत्मसमर्पण कह सकते हैं.”
फ्रांसीसी अनुसंधानकर्ताओं के इस अध्ययन में मरीजों की प्रतिरोधक प्रणाली पर हुए <link type="page"> <caption> असर के बारे में जानकारी </caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/07/120716_hiv_grug_rn.shtml" platform="highweb"/> </link>दी गई है.
कुलमिलाकर शुरुआती इलाज से एचआईवी के शरीर में छिपकर ठिकाना बनाने की प्रवृत्ति को रोका जा सकता है. हालांकि अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि ये साफ नहीं है कि इलाज केवल कुछ मरीजों पर ही कारगर क्यों है.












