धमाल मचाने को तैयार सोनी का नया प्ले स्टेशन

सोनी अपना नया गेमिंग सिस्टम बाजार में उतारने की पूरी तैयारी कर चुका है. न्यूयार्क में एक प्रदर्शनी के दौरान अत्याधुनिक गेमिंग <link type="page"> <caption> प्ले स्टेशन </caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/01/130101_sony_stops_production_arm.shtml" platform="highweb"/> </link>4 की पहली झलक पेश की गई है.
इसका हार्डवेयर नया है और इसके ग्राफिक्स पहले से बेहतर हैं. इसमें कुछ नए फीचर भी जोड़े गए हैं.
दरअसल प्ले स्टेशन 4 प्ले स्टेशन 3 का नया वर्जन है, जो 2006 में आया था. इसकी करीब 7.5 करोड़ यूनिट बिक चुकी हैं.
हालांकि प्ले स्टेशन 4 को बाज़ार के दूसरे गेमिंग उपकरणों से टक्कर लेनी होगी. उसे <link type="page"> <caption> माइक्रोसॉफ़्ट</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/06/120602_windows8_preview_ac.shtml" platform="highweb"/> </link> एक्सबॉक्स 360 के नए वर्जन और निनटेंडो के वाई यू से चुनौती मिलने की उम्मीद है.
सोनी की उम्मीद
अपने नए उत्पाद को लेकर सोनी कंपनी में काफी उत्साह देखा जा रहा है. कंपनी को उम्मीद है कि इसके बाद टेलीविजन और अन्य इलेक्ट्रानिक उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी.
पिछले <link type="page"> <caption> वित्तीय वर्ष में सोनी</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/02/120202_sony_loss_rn.shtml" platform="highweb"/> </link> को 4.9 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. ये लगातार चौथा साल है जब कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा है.
हालांकि कंपनी को मौजूदा वित्तीय वर्ष में 21 करोड़ डॉलर के मुनाफ़े की उम्मीद है.
सोनी की ओर से कहा गया है कि नया गेमिंग कंसोल 2013 की छुट्टियों से बाज़ार में उपलब्ध होगा और दुनिया के दूसरे देशों में भी दिसंबर से मिलने लगेगा.
हालांकि इसकी कीमत कितनी है, इसके बारे में नहीं बताया गया है. ना ही यह कैसा दिखता है ये बताया गया है.
इसकी तकनीक को लेकर भी बहुत ज़्यादा नहीं बताया जा रहा है. क्या इस पर अल्ट्रा हाई डिफिनिशन के वीडियो भी चल पाएंगे, इसको लेकर काफी कयास लगाए जा रहे हैं.
सोनी ने बीबीसी को बताया है कि इसके बारे में उपयुक्त समय पर बताया जाएगा.
उम्दा है सिस्टम
बताया जा रहा है कि इसमें सामान्य डेस्कटॉप कंप्यूटर वाला सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट(सीपीयू) और एक अत्याधुनिक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) शामिल है.
इसके अलावा इसमें टच पैड, शेयर बटन, लाइटबार भी मौजूद है. तकनीकी विशेषज्ञ ब्रायन बलायू इस सिस्टम के बारे में कहते हैं, “टच, शेयर और रिस्पांस के लिहाज से यह काफी बेहतर सिस्टम है.”
इस सिस्टम को बेहतर सोशल डिवाइस बनाने के लिए नया हार्डवेयर इस्तेमाल किया गया है.
वैसे सोनी का प्ले स्टेशन 2 सिस्टम सबसे ज्यादा लोकप्रिय साबित हुआ था. महंगे होने के चलते प्ले स्टेशन 3 की काफी आलोचना भी हुई थी.
प्ले स्टेशन 3 को वाई और एक्सबॉक्स 360 की तुलना में बाजार में जगह बनाने के लिए भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.
इसकी वजह से ही प्ले स्टेशन के जनक कहलाने वाले केन कुतार्गी को सोनी कंप्यूटर इंटरटेनमेंट डिविजन के प्रमुख पद से हटना पड़ा था.
तकनीक पर सवाल

प्ले स्टेशन 4 के साथ एक बड़ी खामी ये है कि इसपर प्ले स्टेशन 3 के गेम्स नहीं खेले जा सकते हैं.हालांकि <link type="page"> <caption> सोनी ने प्ले स्टेशन </caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/business/2011/05/110501_sony_playstation_pn.shtml" platform="highweb"/> </link>4 पर खेले जाने वाले गेम्स की संख्या को बढ़ाने के लिए अल्ग अलग डेवलपर्स से भी संपर्क साधा है.
इसमें किलजोन शैडोफॉल भी शामिल हैं जिसका किलजोन साइंस फिक्शन की सीरीज़ खासा मशहूर है.
इसके अलावा यूबीसॉफ्ट ने भी ये माना है कि वाचडॉग्स नाम से उसने प्ले स्टेशन 4 के लिए गेम्स बनाया है.
हालांकि प्ले सिस्टम 4 की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि इसमें इस्तेमाल किए गए ग्राफिक्स बहुत ज़्यादा आधुनिक हैं.
हालांकि कई विशेषत्र इसको शक की नजर से देख रहे हैं. गेमिंग साइट कोटाकू ने कहा, “ अगर बारीकियों में देखें तो प्ले स्टेशन 4 को देखकर आप यह नहीं कह सकते हैं कि यह काफी बेहतर है.”
इसके बावजूद इसे सबसे उम्दा गेमिंग सिस्टम माना जा रहा है.












