इंसानों पर नज़र रख रहे हैं पुतले

कपड़ों की छोटी दुकानें हों या फिर बड़े स्टोर्स, प्लास्टिक के पुतले हर जगह दिखाई देते हैं. लेकिन अब कई फैशन कंपनियां इन्हीं पुतलों के जरिए ग्राहकों पर नजर रख रही हैं.
ये पुतले अलग अवतार में सामने आ रहे हैं. उनकी आंखों में कैमरे लगे हैं जो लोगों पर नजर रखते हैं और उनकी पसंद और नापसंद को दर्ज कर रहे हैं.
इस जानकारी का इस्तेमाल बाद में नामी फैशन ब्रांड बाजार के लिए अपनी प्रभावी रणनीति बनाने में कर रहे हैं.
लेकिन ये सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इस तरह तकनीक का इस्तेमाल ग्राहक की निजता का उल्लंघन नहीं है.
कैमरे की नज़र
इन स्मार्ट पुतलों को मिलान विश्वविद्यालय से जुड़ी एक पुतला बनाने वाली कंपनी एल्माक्स ने तैयार किया है.
‘देखने वाले’ इन पुतलों को बनाने वालों का कहना है कि इन्हें प्राकृतिक रूप से क्षय होने पदार्थों से तैयार किया गया है.
उनके सिरों में एक वीडियो कैमरा लगाया जाता है. इससे ली जाने वाली तस्वीरें बाद में मार्केटिंग विश्लेषण के लिए इस्तेमाल की जाती हैं.
ये पुतले स्टोर के सामने से गुज़रने वाले लोगों को स्कैन करते हैं, स्टोर में रखी चीजों के बारे में उनकी दिलचस्पी को दर्ज करते हैं.

ये कैमरे ग्राहकों की उम्र, उनकी जातीयता और व्यक्तिगत पसंद-नापसंद को भी देखते हैं. ऐसे पुतलों की कीमत लगभग 5150 डॉलर यानी पौने तीन लाख रुपये से ज्यादा है.
निजता का सवाल
इन पुतलों को लेकर निजता के उल्लंघन से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं. खासकर यूरोपीय संघ के सदस्यों और अमरीका जैसे देशों में ग्राहकों की इस तरह जासूसी गैर कानूनी हो सकती है.
लेकिन इन्हें बनाने वाली कंपनी की स्क्वैयर के निदेशक फाबियो माज्जा का कहना है कि इससे निजता का उल्लंघन नहीं होता है क्योंकि इसमें सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का ऐसा अत्याधुनिक तालमेल है जो कंप्यूटर के बिना डाटा को प्रोसेस करता है.
इस सिस्टम में उपलब्ध उपकरण किसी संवेदनशील जानकारी को न तो संरक्षित करेगा और न ही उसे किसी को भेजेगा. इसमें व्यक्ति का चेहरा भी रिकॉर्ड नहीं होता है.
लग्ज़री बुटीक एलमाक्स का कहना है कि पांच बड़ी कंपनियां पहले से ही इन खास पुतलों का इस्तेमाल कर रही हैं. हालांकि कंपनी ने अपने ग्राहकों की पहचान जाहिर नहीं की है.












