
इस साल की शुरुआत में सिपला ने कुछ और दवाओं की कीमत 76 फीसदी घटाई थीं
दवाएं बनाने वाली कंपनी सिपला ने कैंसर की अपनी तीन दवाओं की कीमत 64 फीसदी घटाने की घोषणा की है.
एरलोसिप, डोसीटैक्स, केपगार्ड नामक कैंसर की ये तीन दवाएं फेफड़े, मस्तिष्क, स्तन और शरीर में पनपने वाले दूसरे कई तरह के कैंसर के इलाज में काम आती हैं.
एरलोसिप की 30 गोलियां अब 9000 रुपए में उपलब्ध होंगी जिनकी कीमत पहले 27,000 रुपए थी. फेफड़ों, मस्तिष्क और स्तन कैंसर में काम आने वाली दवा डोसीटैक्स पहले 3300 रुपए की थी लेकिन अब इसकी कीमत 1,650 होगी.
इस साल की शुरुआत में सिपला ने कुछ और दवाओं की कीमत 76 फीसदी घटाई थीं. माना जा रहा है कि कंपनी के इस फैसले के पीछे वजह ये है कि भारत सरकार ने घरेलू कंपनी 'नैटको फार्मा' को 30 फीसदी कम कीमत पर कैंसर की दवा ‘नेक्सावार’ बनाने की इजाज़त दे दी है.
मुश्किल सौदा
इसके चलते सिपला के लिए बढ़ी कीमतों पर दवाएं बेचना मुश्किल सौदा है.
"सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अपना सहयोग करते हुए सिपला एचआईवी और मलेरिया ही नहीं बल्कि कैंसर की दवाओं की कीमत भी घटा दी है."
सिपला के महानिदेशक वाईके हामिद
इस फैसले की घोषणा करते हुए सिपला के महानिदेशक वाईके हामिद ने कहा, ''सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अपना सहयोग करते हुए सिपला एचआईवी और मलेरिया ही नहीं बल्कि कैंसर की दवाओं की कीमत भी घटा दी है.''
मार्च महीने में कंट्रोलर ऑफ पेटेंट्स ने नैटको को इस बात की इजाज़ दी थी की वो 120 गोलियों के ‘नेक्सावार’ के पैकेट को 8,880 रुपए में बेच सके. इससे पहले एक महीने के कोर्स के लिए इस दवा की कीमत 2.80 लाख रुपए तक होती थी.








