चोरों को खूब दौड़ाएगी 'रोबोट-पुलिस'!

मुमकिन है कि अगले कुछ सालों में आपको अपने आस-पास सड़कों पर ड्यूटी करते, गाड़ियों की चेकिंग करते, ट्रैफिक नियंत्रित करते और चोर-उच्चकों की धड़पकड़ करते ‘रोबोकॉप’ नज़र आएं.
फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक इन दिनों ऐसे <link type="page"> <caption> रोबोट</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/08/120824_robot_olympic_pa.shtml" platform="highweb"/> </link> बनाने की कोशिश में जुटे है जो पुलिस अफसरों की तरह दंबंग हो और मुस्तैदी से अपना काम करें.
इन रोबोट का संचालन उन पुलिसवालों के हाथ होगा जो चोटिल या विकलांग होने के चलते असमय सेवानिवृत्त हुए या फिर वो अनुभवी अफसर जो शहरों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बतौर वॉलेंटियर काम करेंगे.
वैज्ञानिकों का मानना है कि ये कुछ-कुछ हॉलीवुड की चर्चित फिल्म <link type="page"> <caption> ‘रोबोकॉप’</caption> <url href="http://en.wikipedia.org/wiki/RoboCop" platform="highweb"/> </link> को साकार करने जैसा प्रयोग है.
खासियत

इस <link type="page"> <caption> रोबोट</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/04/120405_robot_project_fma.shtml" platform="highweb"/> </link> की खासियत ये भी है कि हाड़-मांस के असल पुलिस अफसर जो करते हैं वो करने के अलावा ये वो काम करने की कोशिश भी करेगा जो पुलिसवाले नहीं कर पाते.
अमरीका के नेवी रिज़र्व से जुड़े कमांडर जेरमी रॉबिंस निजी रुप से इस प्रोजेक्ट में रुची ले रहे हैं. वो कहते हैं, ''ऐसे बहुत से पुलिस अफसर हैं जो देश की सेवा करने के लिए पुलिस में भर्ती हुए लेकिन <link type="page"> <caption> विकलांगता</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/09/120924_robotics_cancer_surgery_psa.shtml" platform="highweb"/> </link> या दूसरे कारणों से उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी. रोबोकॉप उन लोगों फिर से पुलिस व्यवस्था से जोड़ेगा.''
प्रयोगशाला में बनी ‘रोबोट-पुलिस’ सड़कों पर पहरा देगी, आपात फोनकॉल पर उचित कार्रवाई करेगी, नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाएगी और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों जैसी संवेदनशील जगहों पर निगरानी रखेगी.
रॉबिंस के मुकाबिक, ''इस परियोजना का सबसे मुश्किल काम इन रोबोकॉप के चेहरे को डिज़ायन करना है क्योंकि हम चाहते हैं कि वो असल पुलिस वालों की तरह दबंग और मुस्तैद दिखाई दें. साथ ही उनके चेहरे पर एक रोबीली मुस्कान हो ताकि पांच साल का बच्चा भी उनसे मदद मांगने में न झिझके.''
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह के रोबोट जल्द ही दुनियाभर के देशों की ज़रूरत होंगे.












