नकली वायग्रा बेचने वाले को सजा

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ब्रिटेन की साउथवर्क क्राउन अदालत ने नकली दवाओं बेचने वाले व्यक्ति को सज़ा के तौर पर एक करोड़ चालीस लाख पाउंड (करीब 119.5 करोड़ रुपए) की राशि अदा करने का आदेश दिया है.
ये व्यक्ति मर्दों को नकली वायग्रा की भी सप्लाई करता था.
इस व्यक्ति ने अपने उपभोक्ताओं की जानकारियों का एक दस्तावेज बनाया था जिसका नाम था 'थिक पीपल फाइल'.
दवाओं और स्वास्थ्य से संबंधित उत्पादों की नियामक एजेंसी यानी एमएचआरए का कहना है कि ये नकली दवाओं के डीलर से जब्त की गई सबसे अधिक मात्रा है.
मैनचस्टर में रहने वाले इस व्यक्ति का नाम साइमन हिकमेन जिन्हें वर्ष 2009 में दो साल की सजा सुनाई गई थी.
वे एक अवैध फार्मसी चलाते थे जो नकली और मर्दों के लिंग में उत्तेजना जागने वाली बिना लाइसेंस दवाएं बेचते थे.
सजा
इस मामले की जांच जब एमएचआरए और उत्तर पश्चिम क्षेत्र की परिसंपत्ति की वसूली करने वाली टीम ने की तो उन्होंने पाया कि वे शानोशौकत से भरी जिंदगी जी रहे थे और उनके पास मंहगी कारें थी और संपत्तियां थी.
अदालत ने पाया कि उन्होंने नकली दवाओं के व्यापार से एक करोड़ 54 लाख पाउंड कमाए हैं.
अदालत ने उन्हें इस मामले में एक करोड़ 44 लाख पाउंड की राशि छह महीने में अदा करने की सजा दी है.
एमएचआरए में ऑपरेशन विभाग के प्रमुख डेनी ली फ्रॉस्ट का कहना था,''अदालत का ये आदेश इस बात को दर्शाता है कि एमएचआरए इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है कि अगर कोई नकली दवाओं और बिना लाइसेंस वाली दवाएं सप्लाई और बेचने का काम करता है तो वो अपने अपराध से फायदा नहीं उठा सकता है.''
उनका कहना था नकली दवाएं सेहत के लिए हानिकारक होती है और एमएचआरए अपने मरीजों की रक्षा करने के लिए दृड़ है.












