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अंडे का फंडा, क्या इसमें छिपा है हमारे ब्रह्मांड का रहस्य
अंडे के बारे में आप जानते हैं.
अंडे को आप इसलिए जानते हैं कि हजारों साल से ये मानव अस्तित्व के केंद्र में रहा है.
भले ही आप इसे इतनी गंभीरता से ना लेते हों और सोचते हों कि अंडा ही तो है.
लेकिन आप इसके कैल्शियम कार्बोनेट से बने खोल से अंदर झांकने को तैयार हों तो इसमें आपको ब्रह्मांड का सूक्ष्म रूप दिख जाएगा.
शुरुआत करें तो पाएंगे कि सभी धर्म, अलग-अलग परंपराओं ,प्राचीन मिस्र वासियों, ग्रीक और रोमन और इन्का साम्राज्य के निर्माण की कहानियों के केंद्र में अंडे रहे हैं.
दक्षिणी कैलिफोर्निया में काहुइल्ला लोग ब्रह्मांड के निर्माण को अंडे के टूटने से जोड़ते हैं.
थोड़ा आगे पूरब दिशा में जाएं तो नेब्रास्का और अयोवा की ओमाहा जनजाति के लोग समुद्र में गिराए जा रहे एक अंडे के बारे में बताते हैं.
वह कहते हैं कि इस अंडे के अंदर भविष्य में पैदा होने वाले हर बच्चे के माता-पिता सोए हुए थे. लेकिन ये कहानियां हैं. इसमें विज्ञान कहां है?
अंडा और विज्ञान
2006 में नासाके विलकिनसन सेटेलाइट से हासिल डेटा के मुताबिक ब्रह्मांड खुद अंडे के आकार का हो सकता है.
वैज्ञानिक भले ही इस सिद्धांत को साबित करने या खारिज करने में नाकाम रहे हों लेकिन ये संभव हो सकता है हम एक विशाल लगातार बढ़ते हुए अंडे में रह रहे हैं.
1609 में जॉन केपलर ने इस बात की पुष्टि की कि पृथ्वी के साथ ही दूसरे ग्रह भी सूरज के चारों और घूमते हैं लेकिन गोलाकार कक्षा में नहीं अंडाकार कक्षा में.
चंद्रमा की अंडाकार कक्षा से ऐसा लगता है कि यह रात में लगातार अपना आकार बदल रहा है. अगर यह अंडाकार कक्षा में न घूमे तो चांद हमारे लिए कम ही दिलचस्प रह जाएगा.
अंडे का खोल या कवच नरम नहीं बल्कि चांद की सतह की तरह होता है. यह रुखा और उबड़-खाबड़ होता है.
एक अंडे का कवच 17 हजार गड्ढे को कवर कर सकता है. ये अर्द्ध पारगम्य होता है, जिससे हवा और नमी इससे पार हो सकती है.
अंडाकार आर्किटेक्चर
ये दिलचस्प आकृति है. हो सकता है कि वास्तविक ब्राह्मांड का आकार अंडाकार हो. लेकिन ये आर्किटेक्चर डिजाइन का शीर्ष है.
यहां एक ऐसा ढांचा है जिसमें कोई आंतरिक ठोस आधार नहीं है फिर भी यह अपने अंदर के जीवन को बचाने और बढ़ाने में सफल है.
अगर अंडे के खोल के एक बिंदु पर बाहरी दबाव लगता है तो यह पूरे गुंबद पर समान रूप से फैल जाता है.
यही वजह है कि आप किसी अंडे को अपनी हथेली से नहीं कुचल सकते. प्रकृति के बिल्कुल दुरुस्त एयरोडायनेमिक डिजाइन को कैसे दिखाया जाए?
एक अंडे में ना तो कोई शुरुआत होती है और ना नही इसका कोई अंत दिखता है. तो डिजाइन के बारे में जानने की शुरुआत कहां से करें.
बीसवीं सदी तक लोग भव्य अंडाकार आर्किटेक्चर डिजाइन तैयार नहीं करते थे. बीजिंग में एक अंडाकार इमारत में बने तीन हॉल में 5452 लोग बैठ सकते हैं.
सारे हॉल एक हजार वर्ग मीटर के आकार के हैं. अंडाकार कप या ऐग कप की कल्पना कीजिए. अंडों ने डालीन से फैबरेज जैसे कलाकारों को प्रेरित किया.
गुलिवर ट्रैवल्स में जब लिलिपुट के लोग पड़ोसियों से युद्ध करने के उतरे तो मुद्दा यह था कि एक उबले अंडे को किस तरफ से खाया जाए.
अंडे का प्रोटीन
अंडे में जो प्रोटीन होता है वह अमीनो एसिड का परफेक्ट मिश्रण होता है, जो मानव शरीर के उत्तकों का निर्माण होता है.
इस मामले में ये मां के दूध के बाद दूसरे नंबर पर है. हम अंडे की भुर्जी बनाते हैं. पोच बनाते हैं. उसे बेक करते हैं.
अगर आप ऑमलेट बनाते हैं तो आपको पता होता है कि क्या करना चाहिए.
जो लोग खाना नहीं बनाना जानते हैं, उन्हें अगर अंडा उबालना पता है तो ये उनके लिए काफी काम की चीज मानी जाती है.
आप गूगल पर अंडा उबालने की तरीके सर्च कीजिये. आपको एक अरब से ज्यादा सर्च मिलेंगे.
इसका मतलब शायद कुछ लोगों के लिए ये उतना आसान नहीं रहा होगा, जितना हम समझते हैं.
लेकिन लोग मध्य युग से ही गहरे रंग के सजावटी अंडों से वसंत का स्वागत करते रहे हैं.
लेकिन 1875 तक जॉन कैडबरी ने अपना पहला चॉकलेट एग नहीं बनाया था.
अब ब्रिटेन में ही हरेक साल 8 करोड़ चॉकलेट एग बिक जाते हैं. ईस्टर पर ऐसा लगता है कि अंडा ही पहले आया होगा.
अंडा पहले आया या मुर्गी वाली कहावत बेमानी हो जाती है.
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